प्रयागराज

Prayagraj Violence: जावेद पंप की पत्नी परवीन फातिमा योगी सरकार के इस फैसले को दी है हाईकोर्ट में चुनौती

मास्टरमाइंड जावेद पंप की पत्नी फातिमा ने दाखिल याचिका में कहा गया है कि ध्वस्त किया गया मकान उसके नाम था। उस मकान को उसले पिता ने गिफ्ट किया था। नगर निगम के साथ राजस्व के सभी दस्तावेज याची के नाम है। फिर भी मकान को मेरे नाम नोटिस न करके पति के नाम क्यों नोटिस देकर मकान गिराया गया। मेरे द्वारा किसी भी तरह का गुनाह नहीं किया गया है। बिना पक्ष जाने बगैर मकान का ध्वस्तीकरण कर दिया।

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Prayagraj Violence: जावेद पंप की पत्नी परवीन फातिमा योगी सरकार के इस फैसले को दी है हाईकोर्ट में चुनौती

प्रयागराज: 10 जून को हुए प्रयागराज में हुए बवाल का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंच गया है। बवाल में शामिल मास्टरमाइंड जावेद पंप के मकान ध्वस्तीकरण मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। मामले में यह याचिका जावेद की पत्नी परवीन फातिमा ने दाखिल की है। उसने अवैध तरीके से मकान तोड़ने की शिकायत कर दोबारा मकान बनने तक रहने के लिए सरकारी आवास मुहैया कराने की मांग की है। सोमवार की सुनवाई टलने की वजह से कोर्ट ने मामले की सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की थी। न्यायालय दाखिल याचिका में की गई मांगों पर निर्णय लेगा।

याचिका से की गई यह मांग

मास्टरमाइंड जावेद पंप की पत्नी फातिमा ने दाखिल याचिका में कहा गया है कि ध्वस्त किया गया मकान उसके नाम था। उस मकान को उसले पिता ने गिफ्ट किया था। नगर निगम के साथ राजस्व के सभी दस्तावेज याची के नाम है। फिर भी मकान को मेरे नाम नोटिस न करके पति के नाम क्यों नोटिस देकर मकान गिराया गया। मेरे द्वारा किसी भी तरह का गुनाह नहीं किया गया है। बिना पक्ष जाने बगैर मकान का ध्वस्तीकरण कर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में याची ने याचिका में जानकारी दी है कि उसका घर जमींदोज होने से वह और उसका परिवार दूसरे के घरों में रहने को मजबूर है। इसलिए ग्रीष्मावकाश के दौरान याचिका की सुनवाई की जाए। मामले में सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट आज करेगी। अब याची को इलाहाबाद हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद बनी है और लगातार अन्याय होने की बात कह रही है।

जिला प्रशासन द्वारा बनाया जाए मकान

प्रयागराज हिंसा का मास्टरमाइंड आरोपी बनाए गए जावेद पंप की पत्नी फातिमा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका से यह मांग की है कि जिला प्रशासन मकान फिर बनवाए। मकान को अवैध ढंग से गिराया गया है। यह मकान मेरे पिता द्वारा मुझे दिया गया है और इस मकान का कागजात मेरे नाम है बल्कि पति के नाम नहीं है।

Published on:
28 Jun 2022 09:18 am
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