
Samajwadi Party leader Pawan Yadav murder: "मुझे बचा लो… कोई तो अस्पताल ले चलो!" खून से लथपथ सपा नेता और पूर्व ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव की यह आखिरी दर्दनाक आवाज सुनकर मौके पर मौजूद हर शख्स सहम गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पेट और पीठ में गोली लगने के बाद सड़क पर तड़प रहे पवन लगातार वहां मौजूद लोगों से अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पवन जैसे ही कैफे से निकलकर अपनी कार में बैठने लगे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने बेहद करीब से उन पर गोली चला दी। लहूलुहान होकर वह सड़क पर गिर पड़े और जब तक कोई कुछ समझ पाता, बदमाश तेजी से फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस लहूलुहान पवन को तुरंत हंडिया के एक निजी अस्पताल ले गई। हालत बिगड़ती देख उन्हें टैगोर टाउन स्थित अस्पताल और फिर वहां से एसआरएन (SRN) अस्पताल रेफर किया गया। एसआरएन में डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित कर दिया।
मुगरांव गांव के पूर्व प्रधान और समाजवादी पार्टी के जिला सचिव पवन यादव अपने दो भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी नीतू देवी, तीन बेटियां-खुशी, मुस्कान व छोटी, और एक बेटा प्रिंस है।
घटनाक्रम से साफ है कि बदमाशों को पवन की एक-एक मूवमेंट की खबर थी। करीब दो घंटे कैफे में अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताने के बाद जैसे ही वह शाम 5:20 बजे बाहर निकले, वैसे ही बाइक सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे और गोली मार दी। पुलिस को आशंका है कि किसी ने कैफे के बाहर से ही बदमाशों को पवन के निकलने की लोकेशन दी थी।
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने हंडिया, भदोही और टोल प्लाजा के करीब 42 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। फुटेज में बाइक चला रहा बदमाश बिना हेलमेट, जबकि पीछे बैठे दो बदमाश हेलमेट पहने नजर आ रहे हैं। बदमाशों के वाराणसी मार्ग बरौत की तरफ भागने की पुष्टि हुई है।
पवन के बड़े भाई अशोक ने हंडिया थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। परिजनों ने पवन से रंजिश रखने वाले दो लोगों के नाम बताए। पुलिस ने हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।