
अतीक अहमद की जमीनों की बिक्री से शाइस्ता और जैनब तक पहुंच रहा पैसा (PC: ANI)
Atiq Ahmed Illegal Properties Sold Funding:उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत के बाद भी उनकी संपत्तियों को लेकर विवाद जारी है। गुंडई और दबंगई के बल पर कमाई गई संपत्तियां अब भी उनके फरार परिजनों का खर्च उठा रही हैं। अतीक अहमद के गुर्गे और रिश्तेदार उसकी सरकारी और अवैध जमीनों को धड़ल्ले से बेच रहे हैं। प्रशासन को शिकायत मिली है कि इन संपत्तियों को बेचकर मिलने वाली मोटी रकम अतीक की फरार पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी जैनब तक पहुंचाई जा रही है।
प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में अतीक अहमद ने बड़े पैमाने पर जमीनों पर अवैध कब्जा किया था। इनमें कई सरकारी और शत्रु संपत्तियां भी शामिल हैं। अब उसकी मौत के बाद इन संपत्तियों की बिक्री और प्लाटिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अतीक के साले जकी अहमद ने अपने साथी इस्माइल और नबी अहमद के साथ मिलकर अब इन जमीनों पर प्लॉटिंग शुरू कर दी है। कुछ जमीनें अतीक ने अपने साले जकी अहमद के नाम पर ही खरीदी थीं जिन्हें अब ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप है कि इन जमीनों से होने वाली कमाई का एक हिस्सा अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन तक पहुंचाया जा रहा है।
अतीक ही नहीं बल्कि अशरफ की संपत्तियों को लेकर भी बड़ा खेल चल रहा है। धूमनगंज के केसरिया मेन रोड पर 18 बिस्वा जमीन अशरफ के नाम रजिस्टर्ड होने की बात सामने आई है। आरोप है कि इस जमीन को पुरामुफ्ती के हटवा का रहने वाला अशरफ का साला जैद मास्टर बेच रहा है। जैद का रिश्तेदार नायब अली और मोहम्मद अरशद पर इस जमीन पर प्लाटिंग करने का आरोप है। प्रशासन को मिली शिकायत में कहा गया है कि अतीक और अशरफ की संपत्तियों की बिक्री से मिलने वाली रकम उनके गुर्गों और रिश्तेदारों के जरिए फरार चल रही शाइस्ता परवीन और जैनब तक पहुंचाई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
लंबे समय से प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि अतीक और अशरफ की संपत्तियों को बेचकर शाइस्ता परवीन और जैनब को गुपचुप तरीके से फंडिंग की जा रही है। अब प्रयागराज के ADM प्रशासन सत्यम मिश्र ने इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने मुख्य राजस्व अधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, एडीएम नजूल, प्रभारी अधिकारी सीलिंग (अर्बन-ग्रामीण सीलिंग), प्रभारी अधिकारी (शत्रु संपत्ति) और SDM सदर समेत तमाम संबंधित अधिकारियों को मामले की गहराई से जांच करने और तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अब प्रशासन यह जांच करेगा कि जिन जमीनों की बिक्री और प्लाटिंग की शिकायत मिली है, उनका वास्तविक स्वामित्व किसके नाम है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इनमें सरकारी या शत्रु संपत्ति शामिल है या नहीं और जमीनों की बिक्री नियमों के तहत हुई है या नहीं।
Updated on:
12 Sept 2026 02:41 pm
Published on:
12 Sept 2026 02:41 pm
