कोर्ट ने पीडीए के वकील से इंदिरा भवन स्थित विकास प्राधिकरण के भवन का नक्शा प्रस्तुत करने को कहा था। परंतु कोर्ट के समक्ष पीडीए के वकील ने बताया की नक्शा ढूंढा जा रहा है पर अभी मिला नहीं है। वकील ने इसके लिए कोर्ट से कुछ और समय की मांग की। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए पीडीए के चेयरमैन को आगामी 2 अगस्त को तलब कर लिया है।
प्रयागराज: शहर में बिना नक्शा पास हुए अवैध रूप से बने मकानों को ढहा रहा प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) का सिविल लाइंस स्थित अपने ही भवन का नक्शा गायब है। इस बात का खुलासा इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल व जस्टिस जे जे मुनीर की खंडपीठ के समक्ष जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हुआ।
कोर्ट ने पीडीए के वकील से इंदिरा भवन स्थित विकास प्राधिकरण के भवन का नक्शा प्रस्तुत करने को कहा था। परंतु कोर्ट के समक्ष पीडीए के वकील ने बताया की नक्शा ढूंढा जा रहा है पर अभी मिला नहीं है। वकील ने इसके लिए कोर्ट से कुछ और समय की मांग की। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए पीडीए के चेयरमैन को आगामी 2 अगस्त को तलब कर लिया है।
मामले में मोहम्मद इरशाद की ओर से दाखिल जनहित याचिका में पीडीए (इंदिरा भवन) कार्यालय के नीचे दुकानों के अतिक्रमण करने, पोडियम, बरामदों में अवैध दुकानों को हटाने को लेकर याचिका दाखिल की थी। खंडपीठ ने अपनी पिछली सुनवाई के दौरान पीडीए को अपने भवन का नक्शा पेश करने का निर्देश दिया था।
हत्याकांड से जुड़े सारे रिकॉर्ड प्रयागराज जिला अदालत आ गए थे। मुख्तार के मामले में ट्रायल अब शुरू हुआ है। सारे रिकॉर्ड छायाप्रति लगाई गई है। वाराणसी ट्रायल कोर्ट से गुहार लगाई गई कि प्रयागराज जिला अदालत से मूलप्रति मंगाई जाए। जब मूलप्रति मंगाई गई तो वह नहीं मिली। उसकी जगह पर छायाप्रति ही मिली है। वाराणसी ट्रायल कोर्ट ने छायाप्रति के आधार पर ही ट्रायल शुरू कर दिया। हाईकोर्ट में निगरानी याचिका के जरिए उसे ही चुनौती दिया गया है।