पहले बेटा असद, फिर पति अतीक और देवर अशरफ के जनाजे में शाइस्ता परवीन शामिल होने नहीं आईं। पुलिस के हाथ अभी तक शाइस्ता तक नहीं पहुंच पाए हैं। एक सिपाही की बेटी कैसे पूरे पुलिस प्रशासन की परेशानी बनी हुई है। आइए जानते हैं।
उमेशपाल हत्याकांड माफिया अतीक अहमद के लिए एक ऐसा नासूर साबित हुआ। इसमें अतीक अहमद और उसका पूरा परिवार बर्बाद हो गया। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या हो गई। बेटा असद यूपीएसटीएफ के मुठभेड़ में मारा गया। पत्नी शाइस्ता परवीन फरार हैं। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित है।
माना जा रहा था कि असद अहमद के जनाजे में आएंगी और पुलिस को सरेंडर करेगी। लेकिन वह नहीं आईं। 15 अप्रैल की रात शाइस्ता के पति अतीक और देवर अशरफ की हत्या हो जाती है। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि शाइस्ता खुद को सरेंडर करेगी। पुलिस कसारी मसारी कब्रिस्तान पर शाइस्ता परवीन के आने का इंतजार करती रहीं लेकिन वह नहीं आईं।
पुलिस कांस्टेबल की बेटी है शाइस्ता
पुलिस शाइस्ता को पकड़ने के लिए हर तरह के जाल बिछा चुकी है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। एक सिपाही की बेटी पूरे पुलिस महकमें के लिए गले की हड्डी बन गई। शाइस्ता परवीन का जन्म 1 जुलाई 1972 को प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में हुआ था। उनके पिता एक पुलिस कांस्टेबल थे। इसलिए उनके घर पर अधिकारियों का आना जाना लगा था। ऐसे में शाइस्ता ने पुलिस विभाग की रणनीति भी सीख ली। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा किदवई मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज प्रयागराज में पूरी की और बाद में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
शाइस्ता का अतीक से हुआ निकाह
2 अगस्त 1996 को शाइस्ता परवीन का निकाह कसारी मसारी के रहने वाले अतीक अहमद से हुआ। अतीक के पांच बेटे हुए। पहला बेटा उमर, दूसरा अली, तीसरा असद, चौथा अहजम और पांचवा अबान। माफिया अतीक अहमद पांच बार विधायक और एक बार का सांसद रह चुका है। अतीक 1989, 1991, 1993, 1996 और 2002 में शहर पश्चिमी सीट से लगातार विधायक चुना गया। वहीं वर्ष 2004 में फूलपुर संसदीय सीट से सांसद भी चुने गए।
राजनीति में शाइस्ता की एंट्री
माफिया अतीक अहमद के सियासी जमीन को बचाने के लिए शाइस्ता परवीन की राजनीति में एंट्री में हुई। 5 जनवरी 2023 को शाइस्ता ने मायावती की पार्टी बसपा की सदस्यता प्रयागराज में ली। इसके बाद कहा जा रहा था कि शाइस्ता परवीन बसपा के टिकट पर प्रयागराज से मेयर चुनाव लड़ेगी। इसके लिए वह जोर- शोर से प्रचार करना भी शुरू कर दिया था।
अतीक अहमद की पत्नी अब घरेलू महिला से नेता बनने की ओर चल पड़ी थीं। जब शाइस्ता ने बसपा की सदस्यता ग्रहण की थी तब उन्होंने भी एक जोरदार भी भाषण दिया था। शाइस्ता एक कुशल नेता की तरह वहां पर मौजूद जनता को संबोधित किया। लोग उनके भाषण को सुन रहे थे। तब शाइस्ता परवीन कहा था कि उनका पूरा परिवार हमेशा से बहन जी यानी मायावती के साथ रहा है। शाइस्ता ने आगे कहा कि उनके साथ न्याय होगा।
उमेशपाल की हत्या में नाम आने के बाद से ही शाइस्ता फरार
शाइस्ता परवीन मेयर के लिए तैयारी कर रही थी। इसी बीच 24 फरवरी को धूमनगंज इलाके में उमेश पाल हत्याकांड हुआ। जिसमें अतीक अहमद का पूरा परिवार नामजद हो गया। इसी मामले में आरोपी असद और गुलाम को यूपी एसटीएफ ने एनकांउटर में मार गिराया। 48 घंटे के अंदर ही अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या हो जाती है। वहीं अतीक की पत्नी शाइस्ता फरार हैं। उन पर 50 हजार का इनाम है। शाइस्ता का चौथा बेटा अहजम और पांचवा बेटा अबान बाल सुधार गृह में है। उनके दो बेटे उमर और अली पहले से ही जेल में बंद हैं। कुछ इस तरह अतीक का पूरा परिवार अर्श से लेकर फर्श तक आ गया।