प्रयागराज

माघ मेले में पुष्पा की एंट्री, बोला- झुकेगा नहीं…, संगम जाने वाले हर रास्ते पर भीड़, महाकुंभ जैसा नजारा

Prayagraj Magh Mela 2026 : माघ मेले का आज 12वां दिन है। मकर संक्रांति के अवसर मेले में जबरदस्त भीड़ उमड़ी है। करीब 40 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया।
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Updated: 14 Jan 2026, 5:14 PM IST
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प्रयागराज संगम नोज पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़, PC- IANS

प्रयागराज : संगम तट पर चल रहे माघ मेले का बुधवार को 12वां दिन है और मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पहली बार मेले में जबरदस्त भीड़ उमड़ी है। हालात ऐसे हैं कि संगम जाने वाले हर रास्ते पर श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आ रहा है। दोपहर 12 बजे तक करीब 40 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं।

भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया है। संगम की ओर जाने वाले मार्गों पर पैदल श्रद्धालुओं का सैलाब है और पूरा मेला क्षेत्र महाकुंभ जैसा नजारा पेश कर रहा है।

माघ मेले में ‘पुष्पा’ अवतार, रिवॉल्वर लेकर पहुंचा युवक

इसी बीच माघ मेले में पुष्पा अवतार में पहुंचे एक युवक ने सभी का ध्यान खींच लिया। हाथ में नकली रिवॉल्वर, दाढ़ी, गेटअप और डायलॉग सब कुछ फिल्मी अंदाज में। पुष्पा स्टाइल में पहुंचे युवक की पहचान रवि किशन मिश्रा (21) के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के कटनी के रहने वाले हैं। बातचीत के दौरान रवि ने कहा, 'फ्लावर समझा है क्या? फायर है मैं… फायर!
झुकेगा नहीं… दुनिया में कहीं भी रहूं, झुकेगा नहीं।' रवि किशन मिश्रा ग्रेजुएशन के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि पुष्पा लुक तैयार करने में उन्हें 2–3 घंटे लगते हैं। 'बचपन से ही एक्टिंग का शौक है। विधायकों की भी मिमिक्री की है। आज ही बस से माघ मेले में पहुंचा हूं।'

सतुआ बाबा फिर चर्चा में, पोर्श कार से निकले

माघ मेले में हमेशा चर्चा में रहने वाले सतुआ बाबा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वह अपनी नई स्पोर्ट्स कार पोर्श टर्बो 911 में नजर आए। बताया जा रहा है कि उन्होंने 3 करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर छोड़कर करीब 4.40 करोड़ रुपए की पोर्श खरीदी है। मंगलवार रात यह कार माघ मेले में सतुआ बाबा के शिविर पहुंची। इससे पहले वह ऊंट की सवारी को लेकर भी चर्चा में रह चुके हैं।

विदेशियों को भी भा रहा संगम

नीदरलैंड से आए पीटर ने कहा कि उन्होंने जीवन में ऐसा अद्भुत नजारा पहले कभी नहीं देखा। कड़ाके की ठंड के बावजूद साधु-संत, अखाड़े और कल्पवासी संगम की रेती पर डेरा जमाए हुए तपस्या कर रहे हैं।

Updated on:
14 Jan 2026, 5:14 PM IST
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