प्रयागराज माघ मेला 2026 में मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। त्रिवेणी संगम में सुबह 6 बजे तक 9.5 लाख से अधिक लोगों ने पवित्र स्नान किया।
Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेला का उत्साह चरम पर है। आज 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह माघ मेले का दूसरा प्रमुख पवित्र स्नान है। साथ ही आज षटतिला एकादशी भी पड़ रही है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।
सुबह-सुबह से ही दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पहुंच रहे हैं। लोग गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर अपने पापों से मुक्ति पाना चाहते हैं। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर यहां स्नान करने से अक्षय पुण्य मिलता है और हजारों यज्ञों के बराबर फल प्राप्त होता है। कल्पवासी और साधु-संत भी इस अवसर पर विशेष रूप से स्नान कर रहे हैं।
माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि आज एकादशी के दिन भी बड़ी संख्या में लोग स्नान कर रहे हैं। सुबह 6 बजे तक लगभग 9.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। सभी घाटों पर लगातार स्नान हो रहा है। हालांकि मकर संक्रांति मुख्य रूप से आज है, लेकिन लोग कल यानी 15 जनवरी को भी स्नान के लिए आ सकते हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पुलिस बल हर जगह तैनात है।
एसपी माघ मेला नीरज पांडे ने कहा कि मकर संक्रांति को देखते हुए पुलिस ने पूरी तैयारी की है। करीब 10,000 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं। इसमें 22 PAC, 6 RAF, NDRF, ATS और सिविल पुलिस के जवान शामिल हैं। जल पुलिस नदियों में लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। ड्रोन कैमरा और CCTV से हर जगह निगरानी हो रही है। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराने का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। यह मिनी कुंभ की तरह है, जहां स्नान, दान, जप और तप से विशेष पुण्य मिलता है। मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, जो उत्तरायण की शुरुआत है। इस दिन तिल, गुड़, खिचड़ी और कंबल का दान बहुत शुभ माना जाता है। प्रयागराज में आज का माहौल भक्ति और आस्था से भरा हुआ है। ठंड के बावजूद लोग उत्साह से संगम की ओर बढ़ रहे हैं। यह पर्व न केवल स्नान का है, बल्कि नई शुरुआत, खुशी और समृद्धि का भी प्रतीक है।