उत्तराखंड में हुई तेज बारिश की वजह से बैराज बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए जानकारी दी है कि सोमवार को शाम तक जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। गंगा-यमुना में जलस्तर बढ़ने से प्रयागराज चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। जिसकी वजह से दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है।
प्रयागराज: गंगा-यमुना का जलस्तर की रफ्तार में धीमी आई है, लेकिन सोमवार को देर रात तक जलस्तर में फिर से बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई जा रही है। उत्तराखंड में हुई तेज बारिश की वजह से बैराज बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए जानकारी दी है कि सोमवार को शाम तक जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। गंगा-यमुना में जलस्तर बढ़ने से प्रयागराज चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। जिसकी वजह से दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। आवागमन करने के लिए गांव वाले लोग नाव का सहारा लेने पर मजबूर हैं। इसके अलावा शहरी इलाकों में पानी घुसने से परिवार बाढ़ शिविर में ठिकाना बना लिया है। इसके साथ ही बाढ़ की स्थिति देखते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए बाढ़ क्षेत्रों में एनडीआरएफ के जवानों की तैनाती कर दी है।
जलस्तर में होगी वृद्धि
प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। शनिवार की दोनों नदियों में पानी की बढ़ोत्तरी देखी गई थी, लेकिन रविवार को देर रात तक दोनों नदियों का जलस्तर स्थिर रहा था। सोमवार की सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक दोनों नदियों के जलस्तर बढ़ोत्तरी में कमी देखी गई है। गंगा का जलस्तर आठ सेमी और यमुना का जलस्तर में 15 सेमी कम हुआ है। अभी भी दोनों नदिया खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं।
बारिश होने पर हालात होंगे बेकाबू
प्रयागराज में बाढ़ आने से कछारी इलाको में पानी पहुंच गया है। गांवों में आवागमन करने वाले रास्ते गए हैं और आवागमन बाधित हो गया है। बाजार जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण खंड के अनुसार अगर प्रयागराज में बारिश हुई तो स्थिति और भयानक होगी।
पलायन करने को मजबूर हुए लोग
प्रयागराज में बाढ़ आने से शहरी और ग्रामीण इलाकों से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। छोटा बघाड़ा मोहल्ला बाढ़ के चपेट में आने से हजारों छात्रों ने रूम छोड़कर दूसरी जगह अपना ठिकाना बना लिया है। इसी तरह से राजपुर, करेली, रसूलाबाद, बघाड़ा, छोटा बघाड़ा, गौस नगर, सदियापुर, शंकर घाट, बेली में रहने वाले लोग पानी बढ़ने की वजह से ठिकाना बदलने को तैयार हैं।