
Railway News: सावन के पावन महीने में भगवान शिव के दर्शन के लिए यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों से 3 प्रमुख ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर), महाकालेश्वर (उज्जैन) और सोमनाथ (वेरावल) के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इससे लाखों शिव भक्तों को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी के लिए भी रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रयागराज-वेरावल-प्रयागराज स्पेशल ट्रेन (04173/04174) का संचालन करेगा। गाड़ी संख्या 04173 प्रयागराज से प्रत्येक गुरुवार 6 अगस्त से 24 सितंबर तक कुल 8 फेरे लगाएगी। गाड़ी संख्या 04174 वेरावल से प्रत्येक शुक्रवार 7 अगस्त से 25 सितंबर तक प्रयागराज के लिए रवाना होगी।
यह ट्रेन अजमेर, आबू रोड, पालनपुर, राजकोट और जूनागढ़ होते हुए वेरावल पहुंचेगी। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के साथ-साथ अजमेर शरीफ दरगाह और माउंट आबू घूमने का भी अवसर प्राप्त कर सकेंगे। प्रयागराज से यह ट्रेन सुबह 10:10 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम 6:15 बजे वेरावल पहुंचेगी।
उत्तर मध्य रेलवे ने सूबेदारगंज-इंदौर-सूबेदारगंज द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (04169/04170) के संचालन की अवधि भी बढ़ा दी है।
04169 प्रत्येक शुक्रवार और सोमवार को सूबेदारगंज से चलेगी।
04170 प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को इंदौर से संचालित होगी।
यह ट्रेन 15 जून से 29 सितंबर तक कुल 31 फेरों के लिए चलाई जाएगी।
रास्ते में यह ट्रेन फतेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना और उज्जैन समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी। इससे महाकालेश्वर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
रेलवे ने सावन और त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का भी निर्णय लिया है। इसी क्रम में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आसनसोल-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्पेशल ट्रेन (04185/04186) के 10 अतिरिक्त फेरे मंजूर किए गए हैं। यह ट्रेन 29 जुलाई से 31 अगस्त के बीच संचालित होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में अतिरिक्त कोच भी लगाए जाएंगे, जिससे अधिक लोगों को यात्रा का लाभ मिल सके।
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि सावन उत्तर भारत में धार्मिक यात्राओं का सबसे व्यस्त समय होता है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों की योजना बनाई गई है ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
दूसरी ओर, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के तिनसुकिया मंडल के शिमलगुड़ी यार्ड में मानसून के दौरान जलभराव होने के कारण कई ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से बदले हुए मार्ग से किया जा रहा है।
25 और 26 जुलाई: 20503 डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से चलेगी।
25 जुलाई: 20504 नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस बदले हुए रूट से संचालित होगी।
27 जुलाई: 15903 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से चलेगी।
25, 26 और 27 जुलाई: 15909 डिब्रूगढ़-लालगढ़ एक्सप्रेस भी बदले हुए मार्ग से संचालित होगी।
26 जुलाई: 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस का भी रूट अस्थायी रूप से बदला गया है।
रेलवे ने प्रभावित यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति और रूट की जानकारी अवश्य जांचने की अपील की है।
सावन के दौरान शुरू की गई इन विशेष रेल सेवाओं से प्रयागराज और आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं को तीन प्रमुख ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी। वहीं अतिरिक्त ट्रेनों और बढ़ी हुई क्षमता से त्योहारों के दौरान यात्रियों की भीड़ को भी बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।