प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धरना छठे दिन में भी जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर तीखे शब्द कहे।
Shankaracharya Avimukteshwaranand Controversy: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला माघ मेले से शुरू हुआ और अब राजनीतिक रंग ले चुका है। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कड़े शब्द कहते सुनाई दे रहे हैं।
प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। यह विवाद मेला प्रशासन द्वारा उनके रथ और स्नान को लेकर शुरू हुआ । वे मौनी अमावस्या से धरना दे रहे हैं और अब यह छठे दिन से ज्यादा हो चुका है। उनकी तबीयत भी बिगड़ गई है, लेकिन वे धरना नहीं छोड़ रहे। संत समाज में भी इस पर अलग-अलग राय है। कुछ संत उनके साथ हैं, तो कुछ उनके खिलाफ बोल रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि यही योगी, जिसे आप लोग साधु-संत कहते हो, लेकिन हम उसे हुमायूं का बेटा अकबर कहते हैं और औरंगजेब कहते हैं। वे आगे कहते हैं कि योगी हिंदू कहलाने के लायक नहीं हैं। उनका आरोप है कि योगी सरकार में कई मंदिर तोड़े गए हैं, लेकिन योगी ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी का डर है। यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और लोगों में बहस छिड़ गई है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए हिंदू नेता ताइगर राजा ने लिखा कि शंकराचार्य का योगी जी पर फिर घटिया बयान आया है। उन्होंने कहा कि यही योगी जिसे आप साधु-संत कहते हो, उसे हम हुमायूं का बेटा औरंगजेब कहते हैं। योगी हिंदू कहने के लायक नहीं। ताइगर राजा ने हिंदुओं से अपील की कि योगी आदित्यनाथ के लिए पुरजोर समर्थन दें और पोस्ट करते रहें। उन्होंने पूछा कि इस शंकराचार्य को क्या कहेंगे? कई लोग योगी के समर्थन में बोल रहे हैं और शंकराचार्य की भाषा पर सवाल उठा रहे हैं।
यह विवाद अब सिर्फ धार्मिक नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बन चुका है। विपक्षी दल इसे उठा रहे हैं। योगी सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि संतों का अपमान हो रहा है। वहीं, भाजपा समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। कुछ लोग शंकराचार्य को फर्जी कह रहे हैं, तो कुछ उनका समर्थन कर रहे हैं। संत समाज में भी बंटवारा दिख रहा है। योगी के समर्थक जैसे बाबा रामदेव ने उनकी भाषा की आलोचना की है।