प्रयागराज

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फिर शुरू हुई शिक्षक भर्ती, ये है महत्वपूर्ण तारीख

जून के इस तारीख तक होंगे असिस्टेंट प्रोफेसर के साक्षत्कार...  
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इलाहाबाद. विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती में धांधली के आरोप और हंगामे के बाद एक बार फिर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षक भर्ती के साक्षात्कार प्रक्रिया की शुरुआत की है। तमाम आरोपों से घिरे विश्वविद्यालय के कुलपति ने साक्षात्कार के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी सतर्कता बरतते हुए प्रक्रिया की शुरुवात कर रहा है। साक्षात्कार में पारदर्शिता बनाए रखने की दावे के साथ आज से हिंदी विभाग में शिक्षकों की 33 पदों के लिए साक्षात्कार शुरू हुए हैं।

हिंदी विभाग में शिक्षकों के कुल 35 पदों के लिए साक्षात्कार आज शुरू हुए हैं। जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर के 21 पदों के लिए 1595 अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय में आवेदन किया था। जिसमें से 320 अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुलाया है। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर के 9 पदों के लिए 54 आवेदकों ने आवेदन किया था। जिसमें से 20 आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। जबकि प्रोफेसर के 3 पदों के लिए 67आवेदकों ने अपना आवेदन विश्वविद्यालय में भेजा, जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 25 आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया है। विवि के हिंदी विभाग में शिक्षक भर्ती 18 से 22 जून तक असिस्टेंट प्रोफेसर के साक्षत्कार होंगे।

बता दें कि, इलाहाबाद विश्वविद्यालय लंबे समय से शिक्षकों के अभाव से जूझ रहा है। विवि के साथ ही विश्वविद्यालय के संगठक महाविद्यालयों में भी अलग-अलग विषयों के कई दर्जन पद शिक्षकों के खाली हैं, लेकिन शिक्षक भर्ती के शुरुआत से ही भर्ती में हो रही धांधली के आरोप के चलते प्रक्रिया में बहुत समय लगता गया। विवि में आयी यूजीसी की जांच रिपोर्ट में भी विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्तियों को कराने पर जोर दिया गया था।यूजीसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि, विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी से पठन पाठन प्रभावित हो रहा है।

वहीं शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगता रहा हैं। आरोप में यह कहा गया है कि, विश्वविद्यालय के कुलपति मनमाने तरीके से अपने चहेतों और विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षको के परिजनों और रिश्तेदारों की नियुक्ति कर रहे हैं। जिसको लगातार कुलपति नकारते रहे हैं और अब एक बार फिर विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। देखना यह होगा कि, विश्वविद्यालय प्रशासन इसे निर्बाध तरीके से बिना किसी आरोप के पूरा कराने में सफल होता है की नहीं।

input प्रसून पांडेय

Updated on:
18 Jun 2018 03:33 pm
Published on:
18 Jun 2018 03:31 pm
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