प्रयागराज माघ मेला नजदीक आ गया है, लेकिन मेले की व्यवस्थाएं अभी पटरी पर नहीं आई हैं। जिससे नाराज कई संत पिछले 24 घंटे से मेला प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे हैं।
Magh mela Prayagraj: प्रयागराज माघ मेला में व्यवस्थाओं को लेकर कई दिनों से संत भड़के हुए हैं। मेला प्राधिकरण कार्यालय पर दर्जनों संत बीते 24 घंटे से धरने पर बैठे हैं। संतों ने मेला प्रशासन के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। संतों ने कहा कि मेला प्रशासन जमीन आवंटन में जमकर लूट खसोट कर रहा है। बाहर से आए संत मेले में भटक रहे हैं, लेकिन मेला प्रशासन अपने चाहतों को सुविधा के अनुसार जमीन और सामग्री का आवंटन कर रहा है।
धरने पर बैठे संतों ने आरोप लगाया कि मेले में अभी कोई तैयारी भी नहीं हुई है।पूरा इलाका बदहाल पड़ा है। अधिकारी न किसी का फोन उठा रहे हैं और न ही कार्यालय में बैठ रहे हैं। ऐसे में अपनी समस्या किसको बताई जाए।
सीएम को गुमराह कर रहा है मेला प्रशासन
माघ मेला कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मेला प्रशासन गुमराह कर रहा है। चंद लोगों को सुविधा देकर वह पूरे मेले में व्यवस्था चाक चौबंद होने का दावा कर रहा है। जबकि अभी मेले में 70 फ़ीसदी कार्य बाकी है। पानी, बिजली और जमीन से जुड़ी समस्याएं सामने खड़ी हैं, लेकिन मेले के अधिकारी लापरवाह बने हैं।
कार्यालय छोड़ कर भागे हैं अधिकारी
संतों ने आरोप लगाया कि मेला अधिकारी ऋषिराज समेत अन्य सभी अफसर मेला कार्यालय से अक्सर गायब रहते हैं। समस्या लेकर आने पर बाबू और कर्मचारी संतों को इधर-उधर भटकने लगते हैं। मेला प्रशासन के अधिकारियों का सीयूजी नंबर और प्राइवेट नंबर भी नहीं उठता है। जिससे संत और कल्पवासी परेशान हो रहे हैं। मेला के जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय छोड़ कर भागे भागे फिर रहे हैं।
मेला व्यवस्था पर खड़ा हो रहा सवाल
माघ मेला में दुर्व्यवस्थाओं के आरोप में लगातार प्रदर्शन और विरोध हो रहे हैं। कुछ दिन पहले खाक चौक के संतों ने आरोप लगाते हुए बवाल काटा था। उसके बाद भारी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने धरना दिया। फिर अब पिछले 24 घंटे से दर्जनों साधु संत मेला प्राधिकरण के कार्यालय पर धरना देकर बैठे हुए हैं लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। ऐसे में माघ मेला की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।
दुर्व्यवस्थाओं पर बयान देने से बच रहे अफसर
पिछले 24 घंटे से मेला प्राधिकरण पर चल रहे संतों के विरोध और धरने को लेकर जब मंडलायुक्त प्रयागराज सौम्या अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा की मेले की मसले पर मेला अधिकारी ऋषिराज ही जवाब दे पाएंगे। वहीं मेला अधिकारी ऋषिराज से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।