Allahabad Murder Case : सरकार की किरकिरी होने के बाद किया गया निर्णय, नये आईपीएस की हुई तैनाती
रिपोर्ट-प्रसून पांडेय
इलाहाबाद. ताबड़तोड़ हत्याओं से दहले इलाहाबाद को लेकर यूपी सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के खास बीजेपी सभासद पवन केशरी की हत्या के बाद से ही इलाहाबाद में क्राइम ग्राफ चढ़ गया था पुलिस अभी कुछ करती कि हाईकोर्ट के वकील राजेन्द्र श्रीवास्तव की दिनदहाड़े हुई हत्या ने यूपी सरकार को बैकफुट पर ला दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ के खास माने जाने वाले आईपीएस अधिकारी आकाश कुलहरि को हटा दिया गया है। उनके जगह नितिन तिवारी को अब इलाहाबाद का नया एसएसपी बनाया गया है।
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यूपी सरकार के लिए इलाहाबद अब गले की हड्डी बन चुका है। पहले फूलपुर चुनाव में मिली हार के चलते सरकार की लोकप्रियता पर सवाल उठ गये थे। इसके बाद यूपी सरकार ने इस बार विश्व स्तर पर अर्धकुंभ कराने का ऐलान करके इलाहाबाद को सौगात देने का प्रयास किया था लेकिन यूपी सरकार की सारी मेहनत उस समय धरी रह गयी, जब इलाहाबाद में ताबड़तोड़ क्राइम ने सरकार के साख पर ही सवाल उठा लिया। आम आदमी की बात क्या करना बेमानी है जब बीजेपी नेता व हाईकोर्ट के वकील तक सुरक्षित नहीं है वैसे में आम आदमी में दहशत होना स्वाभाविक है। इलाहाबाद क्राइम कंट्रोल में वहां के तत्कालीन एसएसपी आकाश कुलहरि नाकाम साबित हुए है। खास बात है कि आकाश कुलहरि को सीएम योगी का खास अधिकारी माना जाता है इसलिए सपा सरकार में भी अच्छी जगहों पर तैनाती पाने वाले इस आईपीएस अधिकारी को बीजेपी सरकार में भी अच्छी जगहों पर पोस्टिंग मिल रही है जिसकी मुख्य वजह सीएम योगी आदित्यनाथ का खास अधिकारी होना माना जाता है लेकिन इलाहाबाद की घटना के बाद प्रदेश भर में जिस तरह से वकीलों ने आंदोलन शुरू किया है उसके चलते यूपी सरकार को आकाश कुलहरि को हटाना पड़ा है और अब आगरा जीआरपी के एसएसपी नितिन तिवारी को इलाहाबाद की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
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