69 हजार शिक्षा भर्ती को लेकर यूपी सरकार अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों को अनदेखा करती नजर आ रहीं है। कोर्ट के आदेशों को चुनौती देने के लिए अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करने जा रही है। मामले में हाईकोर्ट ने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न के गलत होने पर अपने 25 अगस्त 2021 के आदेश में छह सौ अभ्यर्थियों को एक-एक अंक आवंटित करने का आदेश दिया था। आदेश का अनुपालन न होने पर याचियों की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में दिए गए आदेश के खिलाफ अब यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख करने को तैयार है। इस मामले की जानकारी उपेंद्र कुमार दयाल की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को दी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने अब सुनवाई की तिथि 8 अप्रैल 2022 को निर्धारित किया है।
अभ्यर्थियों को दिया जाए नंबर
मामले में सुनवाई करते हुए 25 अगस्त 2021 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न के गलत होने पर यह आदेश दिया था कि छह सौ अभ्यर्थियों को एक-एक अंक आवंटित की जाए। यह आदेश का अनुपालन न होने पर याचियों की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई।
सुप्रीम कोर्ट की तरफ सरकार करेगी रुख
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के दिए गए फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर करने की तैयारी में है। इस पर कोर्ट ने मामले में सरकारी अधिवक्ता को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया और मामले की सुनवाई के लिए 8 अप्रैल को होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष दिए गए फैसले में ऐसे अभ्यर्थियों के एक अंक बढ़ाने का आदेश दिया है, जिनका चयन एक अंक से रुक गया है।
अभ्यर्थियों की ओर से प्रश्न गलत होने का दावा किया गया था, जिसे कोर्ट ने सही माना और एक अंक बढ़ाने का आदेश पारित कर दिया। अब इसी मामले को लेकर यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने को तैयार है।