EV Subsidy: प्रयागराज में 700 से ज्यादा EV खरीदारों को सब्सिडी मिलनी शुरू हो गई है। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के बाद पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा रहा है। जानें किस गाड़ी पर मिल रहा है कितना फायदा?
EV Subsidy: संगम नगरी प्रयागराज में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने वालों के लिए लंबे समय से बना हुआ इंतजार अब खत्म हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जरूरी बजट आवंटन के बाद, परिवहन विभाग ने लंबित सब्सिडी का पैसा खरीदारों के खातों में भेजना शुरू कर दिया है। इस कदम से जिले के उन सैकड़ों वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है जो महीनों से अपनी सब्सिडी का इंतजार कर रहे थे।
प्रयागराज जिले में 700 से अधिक ऐसे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदार थे, जिनकी करीब 1.90 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से रुकी हुई थी। दरअसल, बीते नवंबर माह में सब्सिडी प्रोसेसिंग के लिए एक नया डिजिटल सिस्टम लागू किया गया था। इस बदलाव के दौरान डीलर स्तर पर दस्तावेजों के अपलोड और सत्यापन में कुछ खामियां रह गई थीं। इसके चलते खरीदारों को बार-बार डीलरशिप और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) का चक्कर काटना पड़ रहा था।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब भुगतान की पूरी प्रक्रिया को 'EV सब्सिडी पोर्टल' के माध्यम से आसान बना दिया गया है। अब जैसे ही डीलर वाहन की बिक्री और दस्तावेजों की पुष्टि करेगा, आवेदक का विवरण ऑनलाइन सत्यापित हो जाएगा।
एआरटीओ (प्रशासन) राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि लंबित भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। उन्होंने सत्यापन में लगे अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि दस्तावेजों की जांच 7 दिनों के अंदर पूरी कर ली जाए। एक बार तकनीकी जांच और एआरटीओ प्रशासन की मंजूरी मिलने के बाद अगले 15 दिनों के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत खरीदारों को वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत पर 15% की सब्सिडी दी जा रही है। नियमों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर अधिकतम 5,000 रुपये, थ्री-व्हीलर पर 12,000 रुपये और फोर-व्हीलर यानी कारों पर 1,00,000 रुपये तक की भारी सब्सिडी का प्रावधान है। विभाग का मानना है कि समय पर पैसा मिलने से शहर में प्रदूषण मुक्त वाहनों की मांग और तेजी से बढ़ेगी।