जल निगम अधिशासी अभियंता द्वितीय सीएस सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि पानी की समस्या दूर करने के लिए पानी टंकी का निर्माण तेजी से हो रहा है। यह अलोपीबाग में बन रही पानी टंकी की क्षमता 1100 किलोलीटर है। इसे 1.20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। बक्शी बांध पर बघाड़ा मोहल्ले के लिए 1150 किलोलीटर क्षमता की टंकी बनाई जा रही है, जिसकी लागत 1.30 करोड़ रुपये है।
प्रयागराज: संगमनगरी में महाकुंभ 2025 को लेकर तैयारी तेज हो गई है। अमृत योजना के तहत शहर में तीन स्थानों पर तीन बड़े-बड़े पानी टंकी बनाए जा रहे हैं। जल निगम और ठेकेदार की लापरवाही से धीमी गति पकड़ लिया था, लेकिन अब नवंबर माह तक तीनों टंकी का काम पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है। 2023 माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को पानी की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। इसके बाद 2025 महाकुंभ से पहले इसका विस्तार किया जाएगा।
तीन स्थानों पर बन रही है पानी टंकी
प्रयागराज में अमृत योजना के तहत तीन स्थानों पर पानी टंकी को तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को जून माह तक पूरा किया जाना था लेकिन लापरवाही के चलते काम पूरा नहीं हो सका। अब तीनों पानी टंकी का निर्माण नवंबर से दिसंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। अमृत योजना की टंकी से प्यास बुझाने के लिए शहरवासियों को और इंतजार करना होगा। माघ मेले से पहले पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
4 करोड़ 10 लाख का है बजट
अमृत योजना के तहत शहर में पेयजल की आपूर्ति बेहतर करने के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक की लागत में पानी की टंकी तैयार की जा रही है। यह टंकी अलोपीबाग, बक्शीबांध और बैरहना में बनाई जा रही है।
यह भी पढ़ें: इलाहाबाद विश्वविद्यालय: फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने कुलपति के नाम मुंडवाया सिर, कल करेंगे भोज
इतने झमता का यहां बन रहा है टंकी
जल निगम अधिशासी अभियंता द्वितीय सीएस सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि पानी की समस्या दूर करने के लिए पानी टंकी का निर्माण तेजी से हो रहा है। यह अलोपीबाग में बन रही पानी टंकी की क्षमता 1100 किलोलीटर है। इसे 1.20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। बक्शी बांध पर बघाड़ा मोहल्ले के लिए 1150 किलोलीटर क्षमता की टंकी बनाई जा रही है, जिसकी लागत 1.30 करोड़ रुपये है। इसी तरह बैरहना मोहल्ले में 1400 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी तैयार हो रही है, जिसकी लागत 1.60 लाख रुपये है। तीनों टंकियों का निर्माण पूरा होने के बाद चार लाख से अधिक आबादी को पानी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
अमृत योजना के तहत पानी की टंकी बनाने का काम तेजी से चल रहा है। दो टंकी का निर्माण पूरा हो गया है। इससे जलापूर्ति जल्द शुरू कराई जाएगी।