इसकी वजह उनका ओबीसी चेहरा होने के साथ आरएसएस व विहिप से निकटता और सांगठनिक क्षमता में दक्षता माना जा रहा है। संगठन के प्रति मेनहत और विधानसभा चुनाव में श्रीकृष्ण मामले को उठाकर गर्मजोशी पैदा कर देना भी वजह बना है। उन्होंने एक नारा लगाया कि अयोध्या के बाद अब मथुरा की बारी। इसके बाद वह अपनी सीट का मोह किये बिना स्टार प्रचारक के नाते खूब रैली की।
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश सरकार में एक फिर से डिप्टी सीएम पद पर दोबारा जगह मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद केशव प्रसाद मौर्या ने फिर अपना पत्ता सेट कर लिया। इसके कई कारण है कि चुनाव हारने के बावजूद भी उपमुख्यमंत्री का पद बरकरार रहा है। इसकी वजह उनका ओबीसी चेहरा होने के साथ आरएसएस व विहिप से निकटता और सांगठनिक क्षमता में दक्षता माना जा रहा है। संगठन के प्रति मेनहत और विधानसभा चुनाव में श्रीकृष्ण मामले को उठाकर गर्मजोशी पैदा कर देना भी वजह बना है। उन्होंने एक नारा लगाया कि अयोध्या के बाद अब मथुरा की बारी। इसके बाद वह अपनी सीट का मोह किये बिना स्टार प्रचारक के नाते खूब रैली की।
उपमुख्यमंत्री पद का लिया शपथ
केशव प्रसाद मौर्या ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी के मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में यह साबित भी हो गया कि पार्टी का निर्णय सही है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने का भी यह मानना है कि भाजपा का फिर से सत्ता में आना ही ओबीसी चेहरा मुख्य है। इससे पूर्व वर्ष 2017 के चुनाव में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पार्टी कार्यकर्ताओं को बांधने के साथ जातीय समीकरण के अनुसार भी रणनीतिक फैसले लेने में सहयोग दिया था। यही वजह थी कि 2017 में पार्टी ने 300 से अधिक सीट का आंकड़ा पार किया था। संगठन में बड़ी जिम्मेदारियों का कर चुके हैं निर्वहन
पीएम मोदी के है खास केशव
पार्टी सूत्रों के अनुसार केशव प्रसाद मौर्य पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का खास है और संगठन में भी सक्रिय रहते हैं। यही वजह है कि मंत्रिमंडल में उनकी भूमिका को नजरंदाज नहीं किया जा सका। शुरू के दिनों में वह विहिप के प्रांत संगठन मंत्री का दायित्व भी निभा चुके हैं। इसके अतिरिक्त किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भी रहे। बाद में भाजपा काशी प्रांत के अध्यक्ष, रहने के साथ भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के भी सदस्य रहे। इन सब से महत्वपूर्ण उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष रहने का भी अनुभव है। अपने कार्यकाल में उन्होंने संगठन को विस्तार देने के साथ पार्टी को जमीनी लोगों से जोडऩे में भी योगदान दिया था।