Corporate Jihad Nashik Update: नाशिक कॉर्पोरेट जिहाद मामले में इम्तियाज जलील ने आरोपी निदा खान का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि निदा आतंकवादी नहीं है और अगर वह मदद मांगती तो वे भी उसकी सहायता करते। उन्होंने पालकमंत्री संजय शिरसाट के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
Imtiaz Jaleel Nida Khan Statement,:नासिक की एक बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी में 'कॉर्पोरेट जिहाद' और अवैध धर्मांतरण के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी और एमआईएम (MIM) नगरसेवक मतीन पटेल पर केस दर्ज होने के बाद अब पार्टी के वरिष्ठ नेता इम्तियाज जलील खुलकर मैदान में उतर आए हैं।
इम्तियाज जलील ने निदा खान का बचाव करते हुए कहा कि उसके खिलाफ अभी सिर्फ आरोप हैं, वह दोषी साबित नहीं हुई है। जलील ने सवाल उठाया, 'क्या निदा खान के खिलाफ कोई नॉन-बेलेबल वारंट या लुकआउट नोटिस जारी हुआ था? अगर वह किसी आतंकवादी गतिविधि में शामिल होती, तो पुलिस खुद नोटिस जारी करती। उस पर केवल धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप हैं, लेकिन माहौल ऐसा बनाया जा रहा है जैसे उसने कोई बड़ी डकैती डाली हो या हत्या की हो।'
पत्रकारों से बात करते हुए जलील ने स्पष्ट रूप से कहा, 'निदा खान केवल एक आरोपी है। अगर उसने मुझसे मदद मांगी होती, तो मैं भी उसकी मदद करता। मैंने उसे साफ कह दिया था कि अगर तुम्हारी गलती होगी तो मैं साथ नहीं दूंगा, लेकिन अगर तुम सही हो तो हम पूरी ताकत से तुम्हारे साथ खड़े रहेंगे क्योंकि फैसला अदालत को करना है।'
बता दें कि छत्रपती संभाजीनगर के पालकमंत्री संजय शिरसाट ने मांग की है कि निदा खान की मदद करने के मामले में इम्तियाज जलील को भी सह-आरोपी बनाया जाना चाहिए। इस पर जलील ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं पालकमंत्रियों की बातों को काडीमात्र (जरा भी) भाव नहीं देता। अगर पुलिस कमिश्नर मुझसे कोई सवाल पूछेंगे, तो मैं उन्हें पूरा सहयोग करुंगा। किसी के आरोप लगा देने से कोई दोषी नहीं हो जाता।
गौरतलब है कि निदा खान को पुलिस ने 7 मई 2026 (गुरुवार) की रात को गिरफ्तार किया। निदा खान करीब एक महीने से अधिक समय से फरार चल रही थी और लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी। आखिरकार, नाशिक पुलिस की एसआईटी (SIT) और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत उसे छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से हिरासत में लिया।