
निदा खान को कोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज (Photo: Social Media)
देश की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक यूनिट से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में बड़ी खबर है। इस मामले की कथित मास्टरमाइंड निदा खान फिलहाल मुंबई में बताई जा रही है। उनके परिवार ने दावा किया है कि वह गर्भवती है। इस बीच, निदा खान ने नासिक की एक अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। निदा ने अपनी प्रेगनेंसी को जमानत का मुख्य आधार बनाया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 वर्षीय नीदा खान ने नासिक की स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन किया है। माना जा रहा है कि उसने अपनी मेडिकल स्थिति को आधार बनाकर राहत की मांग की है। टीसीएस उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले की मुख्य साजिशकर्ता मानी जाने वाली निदा खान पिछले 21 दिनों से फरार है।
जानकारी के अनुसार, निदा खान ने साल 2021 में टीसीएस के नासिक बीपीओ यूनिट में नौकरी शुरू की थी। फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हैं। हालांकि अब पुलिस उसके प्रेगनेंसी के दावों की आधिकारिक मेडिकल जांच के जरिए पुष्टि करने की तैयारी में है।
इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) निदा को हिरासत में लेने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि निदा इस पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी है और उसकी गिरफ्तारी से कई बड़े राज फाश हो सकते हैं।
इस पूरे मामले में पुलिस को अब तक 9 शिकायतें मिली हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और जबरन धार्मिक परिवर्तन के गंभीर आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने अब तक 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 6 पुरुष और एक महिला अधिकारी शामिल हैं। सभी आरोपियों को कंपनी द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला प्रबंधक (संचालन) अश्विनी छनानी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आठ महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जांच में सामने आया कि एक आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला कर्मचारी के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। जबकि एक अन्य कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ और निजी जीवन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। कुछ पीड़ितों ने इसकी शिकायत एचआर विभाग से भी की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि एक पुरुष कर्मचारी को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसके धर्म का अपमान किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जब पीड़ितों ने बार-बार शिकायत की, तब भी वरिष्ठ अधिकारियों ने अनदेखी की, जिससे आरोपियों को बढ़ावा मिला।
26 वर्षीय निदा एजाज खान साल 2021 से टीसीएस में काम कर रही थी। मूल रूप से नासिक के द्वारका क्षेत्र की रहने वाली निदा कंपनी में 'टारगेट टीम' की प्रमुख बताई जा रही है। लड़कियों को धर्मांतरण के जाल में फंसाने के लिए वह मुख्य भूमिका निभाती थी और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों को आर्थिक मदद भी मुहैया कराती थी। पुलिस का मानना है कि निदा की गिरफ्तारी के बाद ही इस बात का खुलासा होगा कि इस पूरे रैकट के पीछे असली चेहरा किसका है और इसके तार कहां तक जुड़े हैं। हालांकि परिवार का दावा है कि निदा खान कोई बड़े पद पर नहीं थी, वह टेली-कॉलर थी, उसका इस मामले से संबंध नहीं है।
Published on:
17 Apr 2026 01:14 pm
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