पुणे

शारीरिक संबंध बनाने, नमाज पढ़ने और मांस खाने को मजबूर करती थी TCS की HR मैनेजर, रेप तक के आरोप

TCS Nashik Harassment Case: महाराष्ट्र के नासिक में TCS की BPO यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के सनसनीखेज खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है। पुलिस की 40 दिनों की गुप्त जांच के बाद मुख्य आरोपी और HR मैनेजर निदा खान सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जानिए क्या है पूरा मामला।
2 min read
Apr 15, 2026
nashik tcs bpo scandal nida khan arrested forced conversion harassment
TCS की HR मैनेजर एक साथ कईं आरोप फोटो X

TCS Nashik Harassment Case: महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस TCS बीपीओ यूनिट के भीतर महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और शोषण का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन आरोपों में कार्यस्थल पर प्रताड़ना के साथ-साथ जबरन धर्मांतरण की कोशिशें भी शामिल हैं। इस खुलासे ने कॉर्पोरेट जगत और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज TCS की बीपीओ यूनिट से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां कार्यस्थल पर महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न, गंभीर शोषण और जबरन धर्मांतरण की कोशिशों के चौंकाने वाले दावे किए गए हैं।

पुलिस की 40 दिनों की गुप्त जांच और कार्रवाई

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पिछले 40 दिनों तक गोपनीय तरीके से जांच चलाई। इस गहन जांच के बाद पुलिस ने ठोस सबूत जुटाए और अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस की इस मुस्तैदी ने कॉर्पोरेट कार्यालय के भीतर चल रहे इस कथित काले खेल का पर्दाफाश किया है।

निदा खान कौन हैं?

निदा खान सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) की पूर्व छात्रा है। वे नासिक टीसीएस बीपीओ यूनिट में प्रबंधकीय एचआर पद पर थी और कंपनी की आंतरिक शिकायत निवारण समिति (आईसीसी) की सदस्य भी थी। उसकी जिम्मेदारी में कर्मचारियों की शिकायतों को संभालना, कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करना और पीओएसएच (यौन उत्पीड़न निवारण) अधिनियम के तहत अनिवार्य प्रोटोकॉल का पालन कराना शामिल था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, वह पुणे से जुड़ी हुई थी और जनवरी 2026 में कंपनी छोड़ चुकी थीं।

आरोप क्या हैं?

पीड़ित महिलाओं (ज्यादातर 18-25 वर्ष की युवतियां) ने आरोप लगाया है कि टीम लीडर्स (आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख आदि) ने उन्हें बेहतर सैलरी, प्रमोशन या नौकरी के लालच में फंसाया।इसके बाद शारीरिक संबंध बनाने का दबाव, ब्लैकमेल और कुछ मामलों में बलात्कार तक के आरोप लगे हैं। साथ ही, उन्हें नमाज पढ़ने, रोजा रखने, मांसाहार करने और यहां तक कि धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने के आरोप भी हैं।

निदा खान पर मुख्य आरोप

पीड़ितों की बार-बार की शिकायतें (78 ईमेल और चैट्स सहित) को नजरअंदाज किया गया।
शिकायतों को उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया गया।
पीओएसएच समिति के सदस्य होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कुछ पीड़ितों का कहना है कि निदा खान ने शिकायतों का जवाब देते हुए कहा कि ऐसी बातें कॉर्पोरेट में आम हैं।
जांचकर्ताओं ने उन्हें मास्टरमाइंड या मुख्य साजिशकर्ता बताया है, जिन्होंने शिकायत दबाने और आरोपी पुरुष कर्मचारियों को संरक्षण देने में भूमिका निभाई।

Updated on:
15 Apr 2026 02:53 pm
Published on:
15 Apr 2026 02:53 pm