Nashik TCS BPO Case: नासिक के TCS BPO कैंपस से जुड़े कथित धर्मांतरण सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पहली पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसे नौकरी और शादी के झूठे वादों के जाल में फंसाकर पहले शारीरिक शोषण किया गया और फिर निजी तस्वीरों के जरिए धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। 2022 से शुरू हुए इस खौफनाक सफर की पूरी कहानी अब सामने आई है।
Nashik TCS BPO Case: नासिक के TCS BPO कैंपस में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में पहली पीड़िता ने एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू में सुनाई आपबीती। 2022 से 2026 तक की घटनाओं का ब्योरा देते हुए पीड़िता ने नौकरी का लालच, शादी का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध और निजी तस्वीरों के जरिए धर्मांतरण के लिए ब्लैकमेल करने जैसे कई संगीन आरोप लगाए हैं।
पीड़िता के बताया कि इस पूरे प्रकरण की शुरुआत जनवरी 2022 में हुई, जब उसकी मुलाकात दानिश शेख से हुई। कॉलेज की पुरानी जान-पहचान होने के कारण दोनों में जल्द ही मित्रता हो गई। दानिश ने खुद को एक इंजीनियर बताकर पीड़िता को नौकरी दिलाने का झांसा दिया, जिससे उसका विश्वास जीत लिया। इस भरोसे की आड़ में आरोपी पीड़िता के करीब आता गया। जुलाई 2022 में एक मुलाकात के दौरान दानिश ने जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश किया। जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने हालात को संभालने के लिए तुरंत शादी का प्रस्ताव रख दिया। इस अचानक आए प्रस्ताव ने पीड़िता को दुविधा में डाल दिया, जिसके बाद उसने सोचने के लिए समय मांगा।
पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी दानिश शेख ने पहले उसका भरोसा जीता उसके बाद करियर में भी दखल दिया। पढ़ाई के बाद दानिश के ही सुझाव पर पीड़िता का चयन एक नामी बहुराष्ट्रीय कंपनी में हुआ, जहां दोनों साथ काम करने लगे। इसी दौरान इस प्रकरण में दानिश के मित्र तोसिफ अख्तर और निदा खान की भी एंट्री हुई, जो अक्सर साथ समय बिताने लगे। जल्द ही यह मेल-जोल धार्मिक विचारधारा की ओर मुड़ गया। दानिश और तोसिफ योजना बनाकर हिंदू धर्म की मान्यताओं पर सवाल उठाने लगे और अपने धर्म को श्रेष्ठ बताकर पीड़िता पर इस्लाम अपनाने का मानसिक दबाव बनाने लगे।
उत्पीड़न का सिलसिला यहीं नहीं थमा, अगस्त 2024 में दानिश पीड़िता को बहला-फुसलाकर एक होटल ले गया, जहां उसने पीड़िता की मर्जी के खिलाफ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस जघन्य कृत्य की जानकारी जब तोसिफ को मिली, तो उसने इसे ढाल बनाकर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और खुद भी अनैतिक संबंधों के लिए दबाव डालने लगा।
पीड़िता के मुताबिक, जब उसने तोसिफ की मांग ठुकरा दी, तो उसने धमकी दी कि वह इस रिश्ते की जानकारी उसके परिवार को दे देगा। इतना ही नहीं, उसने उसे बार-बार मजबूर करने की कोशिश की और कहा कि वह किसी को कुछ न बताए। ऑफिस में भी तोसिफ उसके साथ अश्लील हरकतें करता था, उसकी कमर और शरीर के निचले हिस्से को पकड़ता था, जिससे वह बेहद असहज और शर्मिंदा महसूस करती थी।
पीड़िता ने यह भी कहा कि दानिश और तोसिफ लगातार उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाते रहे। वे हिंदू धर्म के खिलाफ बातें करते और उसे इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करते थे। उन्होंने धमकी दी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी, तो उसकी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी। इस डर और दबाव के कारण पीड़िता मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी।
मामले में बड़ा मोड़ फरवरी 2026 में आया, जब एक महिला ने पीड़िता को मैसेज किया। बातचीत करने पर पता चला कि वह दानिश शेख की पत्नी है और उसके दो बच्चे भी हैं। यह जानकर पीड़िता हैरान रह गई, क्योंकि दानिश ने खुद को अविवाहित बताया था। जब पीड़िता ने उससे इस बारे में सवाल किया, तो उसने झूठ बोलते हुए सब कुछ नकार दिया।
पीड़िता के अनुसार, जुलाई 2022 से फरवरी 2026 तक का समय उसके लिए अंतहीन प्रताड़ना का काल रहा। दानिश ने न केवल अपनी वैवाहिक स्थिति को छिपाकर उसे प्रेम और विवाह के झूठे वादों में उलझाए रखा, बल्कि विभिन्न स्थानों पर उसका शारीरिक शोषण भी किया। इसी बीच कार्यस्थल पर तोसिफ की निरंतर छेड़छाड़ और अभद्रता ने उसे मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया। पीड़िता का आरोप है कि उसे नौकरी, विवाह और धर्म के नाम पर एक सुनियोजित 'हनीट्रैप' का शिकार बनाया गया। निजी तस्वीरों के माध्यम से ब्लैकमेल कर उसे चुप रहने और धर्मांतरण के लिए विवश किया गया। पीड़िता के इस खुलासे के बाद अब जांच एजेंसियों पर दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई का भारी दबाव है।
यह सब जानकारी पीड़िता ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान बताई।