
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
रायबरेली. कोरोना संक्रमितों की लगातार हो रही मौतो से स्वास्थ्य विभाग पर परिजनों द्वारा लापरवाही का आरोप लगाने के मामले ने आज उसपर मोहर लगा दी।दरअसल जिले में अपर जिलाधिकारी के पद पर तैनात क्लास वन के अधिकारी ने संक्रमित होने के बाद आक्सीजन लेबल घटने पर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से लेकर अधीनस्थों तक से मदद मांगी लेकिन किसी भी तरह से उनकी सहायता नही की गई।जिसपर उन्होंने आज एक पत्र को जिला सूचना के नाम से बने व्हाट्सप्प ग्रुप पर वायरल कर स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी।
एडीएम एफआर की बिगड़ी तबियत,पत्र लिखकर लगा रहे इलाज की गुहार
दरअसल जिले में अपार जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के पद पर प्रेम प्रकाश उपाध्याय तैनात है।कुछ दिन पहले वो और उनके परिवार को सर्दी जुकाम की दिक्कत हो गई।जब वो ठीक नही हुआ तो उन्होंने सीएमओ से आरटीपीसीआर जांच के लिए कहा लेकिन देरी होते देख उन्होंने अपने अधीनस्थ नायाब तहसीलदार से जांच करवाने की बात कही।नायब तहसीलदार की मेहनत रंग लाई और 20 अप्रैल को उनका आरटीपीसीआर हो गया लेकिन 96 घंटे बाद भी उन्हें अब तक रिपोर्ट नही प्राप्त हुई, वही उनका आक्सीजन लेबल भी कम हो रहा है।इस बात से आहत हो कर उन्होंने एक पत्र लिखकर उसे जिला सूचना नाम से बने व्हाट्सएप्प पर वायरल कर दिया।मामला मीडिया के संज्ञान में आते ही सीएमओ ने मामले को संज्ञान लिया और उन्हें आश्वासन दिया।
वायरल पत्र का सच
ये वायरल पत्र आज लोगो की जुबान पर चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब जिले आला अधिकारियों की ये दशा है तो आम आदमी का क्या होगा। जबकि स्वास्थ्य विभाग जिले की जनता को हर तरह का आश्वाशन देता नजर आ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मीडिया का कार्य देख रहे डॉक्टर अस्थाना ने बताया
स्वास्थ्य विभाग के मीडिया का कार्य देख रहे डॉक्टर अस्थाना ने बताया कि एडीएम एफआर की रिपोर्ट आ गई है और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।लेकिन उनकी पत्नी और 3 बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है ।फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से उनकी देखभाल पर ध्यान दे रहा है।