Raebareli Sir Tan Se Juda Case: रायबरेली में चाय की दुकान पर हुआ मामूली हंसी-मजाक अब बड़े विवाद में बदल गया है। सपा नेता और मौलाना समेत कई लोगों पर 'सिर तन से जुदा' की धमकी देने का केस दर्ज हुआ है। जानिए पूरा मामला...
Raebareli Sar Tan Se Juda Case: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चाय की दुकान पर दोस्तों के बीच हो रहा मामूली हंसी-मजाक देखते ही देखते एक बड़े सांप्रदायिक और कानूनी विवाद में बदल गया। आरोप है कि बात बढ़ने पर एक पक्ष की ओर से 'सिर तन से जुदा' करने तक की धमकी दे दी गई। इस मामले में पुलिस ने स्थानीय समाजवादी पार्टी (सपा) नेता इरफान सिद्दीकी, एक मौलाना और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में किसी भी तरह की धार्मिक टिप्पणी की बात सामने नहीं आई है।
यह पूरा मामला सलोन-जगतपुर मार्ग पर स्थित सेंधियापुर इलाके का है। यहां करीब एक हफ्ते पहले एक चाय की दुकान पर दुकान मालिक और एक ग्राहक के बीच हंसी-मजाक चल रहा था। इसी बीच वहां मौजूद किसी तीसरे व्यक्ति ने इस बातचीत का गलत मतलब निकाल लिया और सोशल मीडिया पर एक भ्रामक पोस्ट शेयर कर दी। इस पोस्ट में आरोप लगाया गया कि दुकान मालिक के पिता ने एक विशेष धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही लोगों से उस दुकान का बहिष्कार करने की अपील भी की गई।
दुकान मालिक चंद्रभान मौर्य ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। शनिवार को सपा नेता इरफान सिद्दीकी कुछ लोगों के साथ उनकी दुकान पर आए और उन पर मस्जिद में चलकर माफी मांगने का दबाव बनाने लगे। जब पीड़ित पक्ष ने ऐसा करने से मना किया, तो उन्हें और उनके पूरे परिवार को 'सिर तन से जुदा' करने की धमकी दी गई।
मामला की गंभीरता को देखते हुए एएसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी जानकारी ली। एएसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल दावों की जब जांच की गई, तो पता चला कि दो दोस्तों के बीच सिर्फ हंसी-मजाक हो रहा था। किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ कोई गलत बात नहीं कही गई थी। किसी तीसरे व्यक्ति ने इसे गलत तरीके से पेश किया। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर सपा नेता और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी तरफ, सपा नेता इरफान सिद्दीकी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना है कि दुकान पर जब विवाद हुआ, तो उन्हें दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया था। सपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें इस मामले में घसीट रहे हैं, जबकि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की सच्चाई पता लगाने में जुटी है।