
Outrage over removal of Dr Bhimrao Ambedkar's statue in Rae Bareli: रायबरेली में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को हटाए जाने का मामला सामने आया। मूर्ति गायब होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है। हंगामे की खबर सुनकर मौके पर क्षेत्रीय विधायक राहुल लोधी भी पहुंच गए। प्रशासन से बातचीत करने के बाद उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान कराया जाएगा। मामला बछरावां थाना क्षेत्र का है। इधर जिले में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर शोभा यात्रा निकल गई और सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। दिनेश प्रताप सिंह ने भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की वर्तमान पर माल्यार्पण करने नमन किया लालगंज स्थित 125 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का भी लोकार्पण किया। डॉ अंबेडकर सेवा समिति के बैनर तले आयोजित शोभा यात्रा और सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश के बछरावां थाना क्षेत्र अंतर्गत पश्चिम गांव में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को हटा दिया गया। जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति हो गई। सुबह जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के मूर्ति हटाई गई, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
आक्रोशित लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल मूर्ति पुनः स्थापित करने की मांग की। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक प्रतिमा नहीं, बल्कि उनके सम्मान और आस्था का प्रतीक है। उन्हें केवल बाबा साहब की मूर्ति चाहिए, जिसकी पूजा करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द ही मूर्ति वापस नहीं की गई आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक राहुल लोधी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। विधायक ने जिला प्रशासन से भी बातचीत की और मूर्ति लगवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोगों की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा।
हंगामा की खबर मिलते ही मौके पर पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। इस संबंध में अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मौके पर क्षेत्रीय लेखपाल भी पहुंचे। लेकिन उन्होंने बोलने से इनकार कर दिया। फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम में नजर रखे लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बाबा साहब की मूर्ति चाहिए।