रायगढ़

ऐसे में कैसे संवरेगा बच्चों का भविष्य, ढाई माह में 362 शिक्षकों की नियुक्ति, 110 पद अभी हैं खाली

- जिले में 9 उद्योगों को जिला प्रशासन ने सीएसआर शिक्षकों के नियुक्ति का दिया था लक्ष्य
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Sep 10, 2018
ऐसे में कैसे संवरेगा बच्चों का भविष्य, ढाई माह में 362 शिक्षकों की नियुक्ति, 110 पद अभी हैं खाली
ऐसे में कैसे संवरेगा बच्चों का भविष्य, ढाई माह में 362 शिक्षकों की नियुक्ति, 110 पद अभी हैं खाली

रायगढ़. जिले में पढ़े-लिखे बेरोजगारों की भरमार है, लेकिन जिले के आधा दर्जन से अधिक उद्योगों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण सीएसआर में स्वीकृत ११० सीएसआर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। गौर करने वाली बात यह है कि शिक्षण सत्र को आरंभ हुए ढाई माह बीत चुका है तब ये हालात हैं।

इस मामले में दो उद्योगों ने लिखित में दे दिया है कि और शिक्षकों की भर्ती नहीं कर सकते हैं लेकिन शेष उद्योग मौन साधे हुए हैं। जिले में ९ उद्योगों को जिला प्रशासन ने सीएसआर शिक्षकों के नियुक्ति का लक्ष्य दिया था। जिसमें बैठक के दौरान मंदी का रोना रोते हुए उद्योगों ने लक्ष्य को कम कराया था। सीएसआर शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य शुरू में करीब ५ से साढ़े ५ सौ था लेकिन मंदी के रोना के बाद इसे ४७२ किया गया। १६ जून से शिक्षण सत्र चालू होने के साथ ही साथ सीएसआर शिक्षकों के नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हुई।

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उद्योग प्रबंधनों को दिए गए लक्ष्य के बाद इसमें आवेदन मंगाने व नियुक्ति देने का जिम्मा उद्योग प्रबंधनों को दिया गया। अभी हाल ही में उद्योगों से विभाग को मिली जानकारी पर गौर किया जाए तो ९ उद्योगों को ४७२ शिक्षकों के इसमें अभी तक ३६२ शिक्षकों की नियुक्ति उद्योगों ने की है ११० पद अभी भी रिक्त है। कहा जा रहा है कि उद्योगों को आवेदक नहीं मिल पा रहे हैं।

50 प्रतिशत शिक्षक भी नहीं पहुंच पाए स्कूल
सीएसआर के तहत उद्योगों ने अपने लक्ष्य के हिसाब से ४७२ की तुलना में भले ही ३६२ शिक्षकों की नियुक्ति का आंकड़ा ठोंक दिया हैं लेकिन गौर किया जाए तो इसमें से स्कूलों तक २२८ शिक्षक ही पहुंच पाए हैं। उद्योग प्रबंधन की माने तो १३४ शिक्षक में से अधिकांश को जिस स्कूल के लिए चयनित किया गया है वहां वे जाना नहीं चाह रहे हैं।

ऐसी रही स्थिति तो पड़ेगा असर
जिन स्कूलों में कठीन विषय के शिक्षक नहीं हैं और शिक्षाकर्मी व नियमित शिक्षकों की भर्ती नहीं हो पाई है ऐसे पदों को पूरा करने के लिए सीएसआर का सहारा लिया गया है। लेकिन इसमें भी अगर शिक्षक वहां पढ़ाना नहीं चाह रहा है तो ऐसे स्थिति में उक्त स्कूलों में पएऩे वाले बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। इसका असर स्कूल के परिणाम पर पड़ेगा। वैसे भी जिले के स्कूलों का परिणाम बोर्ड के दौरान बेहतर नहीं आ रहे हैं। इन हालात में शिक्षा व शिक्षण व्यवस्था पर ध्यान देना आवश्यक है।

-सीएसआर शिक्षकों के नियुक्ति को लेकर समीक्षा की गई है। इसमें जिन उद्योगों ने लक्ष्य के आधार पर पूरा भर्ती नहीं किया है ऐसे उद्योगों को पत्र लिखकर जल्द भर्ती करने के लिए निर्देश दिया गया है -अनिल साहू, सहायक खनिज अधिकारी

Published on:
10 Sept 2018 01:27 pm