Sex Racket: छत्तीसगढ़ में देह व्यापार के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसी के चलते पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
Sex Racket: छत्तीसगढ़ में लगातार की जा रही सख्त कार्रवाइयों के बावजूद देह व्यापार जैसे संगठित अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों से इस अवैध धंधे से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि चक्रधरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत केलो बिहार कॉलोनी में स्थित संतोष सोनी के मकान में किरायेदार के रूप में रह रहा डिंपी उर्फ राहुल इजारदार बाहर से महिलाओं को बुलाकर उनसे अनैतिक देह व्यापार करवा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इस मामले से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को अवगत कराया गया।
एसएसपी के निर्देश पर थाना चक्रधरनगर और साइबर पुलिस थाना की संयुक्त टीम गठित की गई और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम देने का निर्णय लिया गया। पुलिस ने पहले एक पाइंटर को ग्राहक बनाकर तय रकम के साथ उक्त मकान में भेजा। जैसे ही पाइंटर से पूर्व निर्धारित संकेत मिला, पुलिस टीम ने मकान की चारों ओर से घेराबंदी कर अचानक छापामार कार्रवाई की।
छापे के दौरान मकान के अंदर तीन महिलाएं, पुलिस का पाइंटर, मुख्य आरोपी डिंपी उर्फ राहुल इजारदार तथा एक अन्य व्यक्ति नागेंद्र विश्वकर्मा निवासी कोतरारोड मौजूद पाए गए। तलाशी के दौरान मकान से देह व्यापार में उपयोग की जाने वाली कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
मौके पर पकड़े गए नागेंद्र विश्वकर्मा से पूछताछ करने पर उसने बताया कि डिंपी इजारदार उक्त मकान में किरायेदार है और लंबे समय से महिलाओं को पैसों का लालच देकर देह व्यापार में धकेल रहा था। वह स्वयं इस अवैध कारोबार का संचालन करता था, ग्राहकों की व्यवस्था करता था और दलाल की भूमिका भी निभा रहा था। नागेंद्र ने यह भी स्वीकार किया कि वह इसी सिलसिले में वहां आया था।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी डिंपी उर्फ राहुल इजारदार किराये के मकान को देह व्यापार का अड्डा बनाकर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, पाइंटर द्वारा दी गई रकम तथा आपत्तिजनक सामग्री को गवाहों की उपस्थिति में जब्त कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई बीती रात नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में की गई, जिसे रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।