2 ब्लॉक में बने 16-16 फ्लैट का हुआ उद्घाटन, पुलिसकर्मियों को सौंनी घर की चाबी
रायगढ़. रायगढ़ जिले में पुलिस के लिए शासकीय मकान का अभाव एक बहुत बड़ी समस्या है। उक्त बातें रायगढ़ एसपी ने तब कही। जब दो ब्लॉक में बने 16-16 नवनिर्मित फ्लैट का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर रायगढ़ विधायक भी मौजूद थे।
जिन्होंने गृह प्रवेश से पहले पूजन कर उक्त फ्लैट्स का फीता काट कर उद्घाटन की औपचारिकता पूरी की। वहीं 2.39 करोड़ रुपए की लागत से बने इस फ्लैट में रहने वाले पुलिस व उनके परिजनों को एलॉटमेंट के कागजात को दिया गया। इस बीच उक्त पुलिसकर्मी के चेहरे खुशी से खिल उठे।
दिन भर पुलिस की नौकरी करने के बाद जब एक जवान अपने घर पहुंचता है तो उसे सुरक्षित व टिकाउ आसियाने की चिंता सताती है। जो वर्ष 2008 से किराए के मकान में रह रहे है या फिर शासन के जर्जर मकान में जीवन-यासपन कर रहे हैं। ऐसे ही, जरुरतमंद आरक्षक व प्रधान आरक्षक के लिए पुलिस लाइन उर्दना में 2 ब्लॉक में 16-16 मकान बनाए गए है। 2.39 करोड़ रुपए की लातग से बने इस मकान का बुधवार को उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
जिसमें रायगढ़ एसपी के साथ रायगढ़ विधायक रोशन लाल अग्रवाल भी शामिल थे। नवनिर्मित मकान में पुलिस परिजनों के प्रवेश से पहले विधिवत पूजा अर्चना की गई। जिसके बाद विधायक ने फीता काट कर उक्त फ्लैट का उद्घाटन किया। इस मौके पर एक तरफ जहां विधायक से इसे रायगढ़ पुलिस की एक सराहनीय पहल बताया। वहीं एसपी ने कहा कि इससे हमारे जवानों को सुरक्षित शासकीय मकान की जरुरत की पूर्ति हुई है।
फ्लैट सिस्टम वाले इस 32 मकान के लिए करीब 200 से अधिक आवेदन मिले थे। जिससे यह स्पष्ट है कि रायगढ़ में पुलिस के लिए शासकीय आवास की एक बहुत बड़ी समस्या है। जिसे दूर करने की पहल में बुधवार को एक अहम पहल हुई है। विधायक के हाथों उक्त फ्लैट्स आवंंटनके कागजात संबंधित पुलिस व उनके परिजनों को वितरण किया गया।
जमीन के अभाव में 132 मकान का प्रस्ताव पेडिंग
मीडिया से चर्चा के दौरान एसपी ने कहा कि वेटिंग लिस्ट में शामिल पुलिसकर्मियों के लिए 132 मकान का और प्रस्ताव है। पर उसके लिए जमीन की समस्या आड़े आ रही है। नजूल विभाग से संपर्क कर इस समस्या का निराकरण करने की पहल की जा रही है। जमीन उपलब्ध होने के बाद प्रस्तावित 132 मकानों का निर्माण भी शुरु हो जाएगा। जिससे पुलिस परिवार को काफी राहत होगी।
डबल हुई दीपावली की खुशियां
लंबे समय से शासकीय आवास के इंतजार में किराया के मकान मे रहने वाले पुलिस के परिजनों से कहा कि उनके लिए इस वर्ष की दीपावली, दोहरी खुशियां लेकर आई है। दीपावली के कुछ माह पहले हमें नए घर में प्रवेश का अधिकार मिला है। जिसके अभाव में हम जैसे-तैसे व खंडहरनुमा मकान में कई साल बिताए हैं। जिससे यह प्रतीत होता है कि इंतजार का फल, मीठा होता है।