सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और अनुपस्थिति
रायगढ़. शिक्षण सत्र चालू होने के दूसरे दिन पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और अनुपस्थिति में सीएम की नजर थी और इधर जिले के 538 स्कूलों से 352 शिक्षक नदारद रहे हैं। यही नहीं 2580 स्कूलों ने अनुस्थिति दर्ज होने के डर से डाटा ही अपलोड नहीं किया।
जिसके कारण उक्त स्कूलों में शिक्षक की उपस्थिति व अनुपस्थिति की जानकारी ही नहीं मिल पाई। हांलाकि अधिकारी बता रहे हैं कि कई स्कूलों में तकनिकी दिक्कत के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाई है। इसलिए रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति से मिलान के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों के अनुपस्थिति को लेकर लगातार मिल रही शिकायत को देखते हुए शिक्षण सत्र चालू होने के पूर्व जिले के 3118 स्कूलों को शालाकोष योजना के तहत टेबलेट वितरण किया गया है। उक्त टेबलेट के माध्यम से ही वहां के शिक्षकों को अंगूठा लगाकर उपस्थिति दर्ज कराना है। सोमवार से नए शिक्षण सत्र की शुरूआत हुई है।
सत्र के दूसरे दिन राजधानी में सीएम रमन सिंह द्वारा उक्त योजना के तहत शिक्षकों की उपस्थिति का समीक्षा करने के लिए मॉनिटरिंग करेंगे इस बात की जानकारी पहले ही उच्च अधिकारियों ने विभागीय वाट्सएप ग्रुप में शेयर किया लेकिन इसका कोई भी असर देखने को नहीं मिला।
पहले से इस बात की जानकारी होने के बाद भी जब दोपहर में शालाकोष योजना के तहत जिले में शिक्षकों के उपस्थिति का आंकड़ा निकाला गया तो पता चला कि 3118 स्कूलों में से 2580 स्कूलों का डाटा ही अपलोड नहीं किया गया है ओर 538 स्कूलों में 352 शिक्षकों का अनुपस्थिति दर्ज है। जबकि देखा जाए तो जिले के एक भी शिक्षक अवकाश पर नहीं है।
गुणवत्ता पर सवाल
प्रायवेट स्कूलों में देखा जाए तो शिक्षण सत्र के शुरू दिन ही जहां शत प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति रहती है तो वहीं बच्चों की उपस्थिति भी करीब शत प्रतिशत देखने को मिलता है, लेकिन सरकारी स्कूलों में उपस्थिति के सामने आए आंकड़े चौकाने वाले हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में शिक्षण गुणवत्ता कैसे आएगा इस पर सवाल उठ रहा है।
-टेबलेट से उपस्थिति इस सत्र शुरू हुई है। कई जगह तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसलिए रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति से मिलान किया जाएगा। वहीं सभी को टेबलेट में उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
-आरपी आदित्य, डीईओ, रायगढ़