-लैलूंगा थाना क्षेत्र की घटना -पुलिस ने आरोपी जगन्नाथ यादव को कर लिया गिरफ्तार
रायगढ़. लैलूंगा क्षेत्र के पिता-पुत्र हुंडई कार में सवार होकर ओडिशा से गांजा लेकर अपने गांव ला रहे थे। तभी मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों को पकडऩे घेराबंदी की। चूंकि बेटा कार चला रहा था तो उसे पुलिस की चहलकदमी महसूस हो गई और वह अपने पिता को कार में ही छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के पास से 71 किलो गांजा व कार को जब्त कर लिया है। वहीं दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए एक को रिमांड में जेल भेज दिया गया है। घटना लैलूंगा थाना क्षेत्र की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लैलूंगा के गेरूपानी निवासी जगन्नाथ यादव पिता समारू यादव 50 वर्ष 13 मई को अपने बेटे जोगेन्दर यादव 27 वर्ष के साथ हुंडई आई-10 कार सीजी-10 एस-4861 में सवार होकर ओडिशा गया था। वहां से वे कार में 71 किलो गांजा भरकर वापस अपने गांव आ रहे थे। तभी लैलूंगा पुलिस को इसकी सूचना मुखबिर से मिली।
Read More : निगम आयुक्त, ईई सहित जिले के नगर पंचायत व नगरपालिका के सीएमओ और इंजीनियरों की ली गई बैठक, जानें कलेक्टर ने क्या दिए निर्देश...
सूचना मिलते ही पुलिस केकराझरिया गांव के नाला के पास घेराबंदी करते हुए आरोपियों के आने का इंतजार रही थी। तभी शाम करीब चार बजे पुलिस को मुखबिर के बताए अनुसार सामने से कार आती दिखी। उसी समय कार चला रहे जोगेन्दर को भी पुलिस दिख गए। ऐसे में वह पुलिस को घटना की जानकारी होने की बात को भांप गया और कार से उतर कर भाग निकला। जिसे पुलिस दौड़ाकर पकडऩे का प्रयास किया, लेकिन वह अपने पिता को छोड़कर भागने में सफल हो गया।
ये भी पढ़ें
इसके बाद पुलिस ने आरोपी जगन्नाथ यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें 71 किलो गांजा मिला। जिसकी कीमत तीन लाख 60 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। वहीं आरोपी जगन्नाथ को रिमांड में जेल भेज दिया गया है।
घर में नहीं था जोगेन्दर
जगन्नाथ को पकडऩे के बाद पुलिस दो से तीन बार आरोपी जोगेन्दर को पकडऩे उसके घर जा चुकी है, लेकिन जोगेन्दर घर में एक बार भी नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि आरोपी कार्रवाई के भय से कहीं भाग गया है, जिसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
आसपास के जिलों में खपाते गांजा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी जगन्नाथ ने बताया कि उक्त गांजा को वे क्षेत्र के कोचियों को खपाने के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी सेल करते। वहीं बचे हुए गांजा को खुद घर में बेचते, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।