- मरीज के परिजनों को सोनोग्राफी के लिए कई दिन तक लगाना पड़ता था
रायगढ़. मेडिकल कालेज अस्पताल में पार्ट टाइम डॉक्टर के भरोसे संचालित सोनाग्राफी सेंटर मेें परमानेंट डॉक्टर की नियुक्ति की गई है। यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू की गई है। सोनोग्राफी में पार्ट टाइम की व्यवस्था होने से मरीजों को काफी परेशानी होती थी। स्थिति यह थी कि एक दिन में 15 लोगों का ही सोनोग्राफी हो पाता था, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब स्थिति बदल गई है। अब यहां प्रतिदिन 30 से 35 मरीजों को इसका लाभ मिलने लगा है।
मेडिकल कालेज अस्पताल में दो-दो नई सोनोग्राफी मशीन लगा दी गई थी, लेकिन डाक्टर की कमी होने के कारण इसका खामियाजा मरीजों व उसके परिजनों को भुगतना पड़ रहा था। हालांकि इसकी जानकारी अस्पताल के सभी अधिकारियों को थी। ऐसे में उनका कहना था कि यहां रेडियोलॉजी नहीं है। इस कारण एक डाक्टर को पार्ट टाइम के लिए रखा गया है। इससे एक दिन में 15 से 20 लोगों का ही सोनोग्राफी हो पाता था। बाकी लोगों को दूसरे दिन बुलाया जाता था। मेकाहारा में आने वाले मरीजों की इस समस्या को देखते हुए पत्रिका ने इसकी खबर प्रकाशित की।
खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग की तरफ से शुक्रवार से एक नए डाक्टर की पदस्थापना की गई है। इससे आज पहले ही दिन 30 से 35 लोगों को इसका लाभ मिला है। वहीं लोगों का कहना था कि अस्पताल में सोनोग्राफी कराने के लिए पहले तो पर्ची कटाने में मशक्कत करनी पड़ती थी और पर्ची कटने के बाद सोनोग्राफी के लिए दो-तीन दिन चक्कर काटने के बाद ही सोनोग्राफी हो पाती थी, लेकिन अब परमानेंट डाक्टर के बैठने से अब काफी हद तक राहत मिली है।
अस्पताल के सोनोग्राफी सेंटर में पार्ट टाइम के लिए एक डाक्टर को रखा गया था। इससे आए दिन वहां मरीजों की भीड़ लगी रहती थी। शुक्रवार को एक नए डाक्टर मुकेश पटेल की पदस्थापना की गई है। इससे अब अस्पताल आने वाले मरीजों को काफी हद तक राहत मिली है।