रायगढ़

Big Fraud: 7,693 लोगों से 1.11 करोड़ रुपए की ठगी, YouTube चैनल और फर्जी प्रोफाइल से देशभर में बिछाया जाल, 26 गिरफ्तार

Big Fraud: रायगढ़ में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां YouTube चैनल और फर्जी प्रोफाइल के जरिए देशभर के लोगों को जाल में फंसाकर ठगी की जा रही थी।

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Apr 15, 2026
26 आरोपी गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Big Fraud: रायगढ़ जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना साइबर पुलिस ने निधि परिवहन केन्द्र एवं शांति देवी शिक्षा सोसायटी केन्द्र में संचालित अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है।

मामले में केंद्र संचालकों सहित कार्यालय में कार्यरत युवतियों को मिलाकर कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों के विरुद्ध संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना एवं आईटी एक्ट की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

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देशभर के लोगों से ठगी किए जाने का खुलासा

एसएसपी शशि मोहन सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने स्वयं टीम को लीड करते हुए एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक तथा साइबर व महिला थाना की संयुक्त टीम के साथ दरोगापारा स्थित दोनों केंद्रों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरटीओ संबंधी कार्य के नाम पर फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों से ठगी किए जाने का खुलासा हुआ। मौके पर एसडीएम रायगढ़ एवं आरटीओ अधिकारी भी पहुंचे।

पीड़ित की शिकायत पर दर्ज अपराध में सामने आया कि केंद्र में बाहरी रूप से लाइसेंस व दस्तावेज बनाने का कार्य दिखाया जाता था, जबकि अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर संचालित कर युवतियों के माध्यम से लोगों को शादी के नाम पर फंसाकर पैसे वसूले जाते थे।

गिरोह द्वारा फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के माध्यम से नकली प्रोफाइल तैयार कर संपर्क स्थापित किया जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए रकम वसूली जाती थी। पीड़ित के लिखित आवेदन पर थाना साइबर में धारा 319(2), 336(3), 336(4), 338, 340(2), 61(2), 112(2), 316(2) 318(4) एवं आई टी एक्ट तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

आरोपी पहले था आरटीओ एजेंट

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कपिल गर्ग पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ कार्य करता था, जिसकी आईडी निरस्त होने के बाद उसने इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। उसके साथ हिमांशु मेहर एवं अन्य सहयोगियों द्वारा लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित किया जा रहा था। पुलिस को मौके से लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के साक्ष्य तथा विभिन्न शासकीय विभागों के फर्जी सील-मुहर भी बरामद हुए हैं।

पुलिस की कार्रवाई में यह सामान जब्त

पुलिस ने कार्रवाई में 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और 3 बैंक खातों को जब्त किया है। आरोपियों द्वारा वर्ष 2022 से अब तक 7,693 लोगों को ठगी का शिकार बनाकर करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों को गिरफ्तार का न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है,

क्या कहते हैं एसएसपी

इस मामले में एसएसपी शशि मोहन सिंह का कहना है कि साइबर ठगी और फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस ने सख्त वैधानिक कार्रवाई की गई है। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल या दस्तावेज संबंधी सेवा में सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल पुलिस को सूचना दें।

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Updated on:
15 Apr 2026 08:24 pm
Published on:
15 Apr 2026 08:23 pm
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