Raigarh News: बिलासपुर डैम का एक हिस्सा बीती रात अचानक टूट गया। इससे रात भर में कई गांव तक पानी पहुंच गया। इसको लेकर ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल देखने को मिला।
CG News: बिलासपुर डैम का एक हिस्सा बीती रात अचानक टूट गया। इससे रात भर में कई गांव तक पानी पहुंच गया। इसको लेकर ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल देखने को मिला। हालांकि जानकारी मिलते ही प्रशासन अलर्ट हुआ और स्थिति को नियंत्रण करने में जुट, लेकिन शनिवार दोपहर तक पानी लगातार बह रहा था।
शुक्रवार शाम गांव के कुछ किसान अपने खेतों में पानी लाने के लिए डैम के गेट को खोलने का प्रयास किए। बहाव ज्यादा होने के कारण एक हिस्सा ही टूट गया। इससे लगातार पानी बहता रहा। डैम से करीब एक फीट पानी बह जाने के बाद इसइे रोकने का प्रयास शुरू किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कल शाम खेत में पानी डालने के लिये गेट खोला गया था। जिससे एकाएक पानी का बहाव बढ़ गया, साथ ही गेट भी पहले से ही खराब था, जिसे बोरी डालकर बंद किया गया था, लेकिन पानी का दबाव ज्यादा होने के कारण रात में अचानक एक हिस्सा टूट गया जिससे गई गांव में पानी पहुुंच गया। सुबह पानी का बहाव थोड़ा कम हुआ है। लेकिन अभी भी सड़क से पानी गुजर रहा है, इससे पानी से होकर वाहन भी गुजर रहे हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर भूपदेवपुर स्थित बिलासपुर जलाशय का निर्माण सन 1975-76 के आसपास हुआ था। यहां पहाड़ों से घिरे बिलासपुर जलाशय में रामझरना के कुंड से निकलता हुआ पानी के अलावा आसपास के पहाड़ों से भी हमेशा पानी आता है। इससे इस डैम पर हमेशा पानी से भरा रहता है।
भूपदेवपुर, दर्री, कीरतमाल, कुशवाबहरी, डोंगीतराई, कोड़तराई के अलावा अन्य आसपास के गांव के किसानों के लिए यह डैम एक वारदान है। इस क्षेत्र के किसान धान, मुंगफली, मक्का के अलावा अन्य फसलों की खेती करते हैं। यह डेम करीब दो एकड़ में फैला है और इसकी भराव की क्षमता 3 मिलियन क्यूबिक मीटर है, वर्तमान में 2.8 मिलियन क्यूबिक मीअर पानी है, जो करीब 18 फीट गहरा है।
मौके पर पहुंचे सब डिवीवन आफिसर दिलेश्वर पात्रे ने बताया कि रात में सूचना मिली कि कुछ ग्रामीणों के द्वारा गेट खोलने का प्रयास गया, जिसके बाद से लगातार पानी बह रहा है। हालांकि देर शाम तक पानी का बहाव रोक दिया गया है।