- चक्रधर समारोह में अपनी प्रस्तुति देने के लिए आई कत्थक कलाकार ने बताया कि वह तीन साल की उम्र से कर रही है कत्थक क्लास
रायगढ़. कत्थक में चल रहे फ्यूजन का मैं विरोध नहीं करती हूं, होना चाहिए लेकिन पहले कलाकार को कत्थक में परिपूर्ण हो जाना चाहिए। इसके बाद फ्यूजन को लेकर प्रयोग करना चाहिए। उक्त बातें चक्रधर समारोह में शिरकत करने के लिए कोलकाता से आई जयपुर घराने की कत्थक नृत्यांगना ट्रीना राय ने प्रेस वार्ता के दौरान कही।
चक्रधर समारोह में अपनी प्रस्तुति देने के लिए आई कत्थक कलाकार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि वह तीन साल की उम्र से कत्थक क्लास कर रही है। फ्यूजन के बढ़ते प्रयोग को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें कोई रोक नहीं सकता है हम नहीं करेंगे लेकिन और कोई करेगा इसका सही तरीका यही है कि इसके लिए एक दायरा होना चाहिए। वहीं उन्होंने यह भी बताया कत्थक में पुरानी चीजें सामने आनी चाहिए।
आज के कार्यक्रम में यही प्रयास करूंगी के पुरानी चीजें सामने आए। यह भी बताया कि उनके नाना जयलाल महाराजा चक्रधर के करीबी रहे हैं इसलिए शुरू बचपन से ही रायगढ़ के बारे में वह जानती है। इसलिए चक्रधर समारोह के मंच में प्रस्तुति देते हुए काफी खुशी हो रही है।
कत्थक में अधिक मेहनत के बाद मुकाम हासिल होने के कारण लोग इससे दूर भाग रहे इस सवाल पर उन्होंने कहा कि संघर्ष हर क्षेत्र में है। कत्थक में हमको लगता है कि भारीपन है और मेहनत ज्यादा है यह सही है लेकिन क्या अन्य नृत्य में मेहनत नहीं है। उसमें भी संघर्ष है। ये जरूर है कि उसमें बहुत जल्दी मंच मिल जाता है । कत्थक को लेकर सरकार को इस तरह के कार्यक्रम कराए जाने चाहिए ताकि लोगों को मंच मिल सके। साथ ही टीवी में रियल्टी शो जैसे ही कत्थक व अन्य क्लासिकल के लिए भी शो रखना चाहिए ताकि इसे लोग देखें और यह जीवित रहे।
उत्थान के लिए जोड़ेंगे कलाकारों को
कत्थक के उत्थान और इसे बढ़ावा देने के लिए केंद्र व राज्य सरकार से समय-समय पर मदद तो मिलती है लेकिन यह कम है। इससे और अधिक सहयोग मिलना चाहिए। इसलिए इसके लिए एक संघ बनाएंगे इसको लेकर कोलकाता में कुछ कलाकारों के बीच चर्चा हुई है। ताकि संघ के माध्यम से अपनी बातें सरकार तक पहुंचाई जा सके।