रायगढ़

Changemaker : जो बदलेगा वर्तमान राजनीति के हालात वही है चेंजमेकर, आए नामांकनों को स्क्रीनिंग कमेटी ने परखा

आवेदनों में लोगों ने बताई है अपनी उपलब्धि और प्राथमिकता, देश व राजनीति को बदलने के लिए तत्पर

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May 06, 2018
आवेदनों में लोगों ने बताई है अपनी उपलब्धि और प्राथमिकता, देश व राजनीति को बदलने के लिए तत्पर
आवेदनों में लोगों ने बताई है अपनी उपलब्धि और प्राथमिकता, देश व राजनीति को बदलने के लिए तत्पर

रायगढ़. पत्रिका के महाअभियान चेंजमेकर बदलावा के नायक के नामांकन का कार्य पूरा हो चुका है। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों ने चेंजमेकर के लिए नामांकन किया है।

इसमें समाज सेवी से लेकर विभिन्न दलों की सक्रिय राजनीति करने वाले लोग सहित ग्रामीण क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं जो अपने नामांकन के सहारे देश की दशा और राजनीति की दिशा बदलने को आतुर हैं।


रविवार को रायगढ़ विधान सभा क्षेत्र से आए आवेदनों की स्क्रूटनी की गई। इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों ने चेंजमेकर के तहत आए नामांकन पर काफी गंभीरता से विचार किया और अपनी राय दी। रायगढ़ विधानसभा से चेंज मेंकर के नामांकनों के स्क्रीनिंग के लिए जो कमेटी बनाई गई उसमें अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों को शामिल किया गया है।


इस कमेटी में शहर के बुद्धिजीवी मुकेश जैन, शिक्षक व रचनाकार रमेश शर्मा, इप्टा के रंगकर्मी अजय आठले, सामाजिक कार्यकर्ता सविता रथ सहित शहर के प्रख्यात लेखक व साहित्यकार प्रभात त्रिपाठी का नाम शामिल है।
स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक रविवार दोपहर बारह बजे आरंभ हुई जो कि लगभग एक घंटे से ज्यादा चली। इस दौरान जितने भी नामांकन आए थे उस पर कमेटी के सदस्यों ने अपनी राय दी और आगे की प्रक्रिया आरंभ की।

अलग-अलग तरीके से बदलाव को आतुर
रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चेंजमेकर अभियान के तहत जितने भी आवेदन आए थे यदि उनके प्राथमिकता की बात करें तो सबने अलग-अलग तरीके और नए प्रयोगों के दम पर देश की राजनीति में बदलाव के लिए प्रयास करने की बात कही है। इसमें छोटी से छोटी बात पर भी नामांकनकर्ताओं ने ध्यान दिया है जो वर्तमान राजनीति में कहीं नहीं दिखती है या फिर मुद्दा ही नहीं बन पाती है।

बेहतर अभियान है पत्रिका का
बैठक से पहले स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों ने पत्रिका के इस महाअभियान के सबंध में खुलकर चर्चा की ओर अपने राय दिए। उनका कहना था कि वर्तमान राजनीति में वाकई बदलाव की अवाश्यकता है, खासकर युवा वर्ग इससे विमुख हो रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि जो भी हालात अच्छे या बुरे हैं वो सिर्फ देश की राजनीति के कारण ही हैं। देश की दशा और दिशा बेहतर राजनीति ही तय करती है।

आप चाहे कोई कार्य करो यदि अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, या नहीं हो रहे हैं इसके लिए देश की राजनीति ही जिम्मेदार है। ये आवश्यक नहीं कि चुनाव लडऩे की प्रक्रिया ही राजनीति कही जाती है वरन आप जो भी करते हैं एक लक्ष्य के साथ समाज के लिए करते हैं ऐसे में राजनीति से कार्य का कोई हिस्सा अछूता नहीं है। इसलिए इससे गुरेज करना सही नहीं है, आगे आकर इसमें अपनी सहभागिता निभाई जानी चािहए। पत्रिका ने ये बेहतर प्रयास किया है जिसके परिणाम भी सामने आएंगे।

Published on:
06 May 2018 04:57 pm