रायगढ़

Coal supply controversy: कोयले में मिलावट का खेल! मौदा प्लांट की सप्लाई में छाई की घालमेल, वायरल वीडियो के बाद भी कार्रवाई नहीं

Coal supply controversy in CG: रायगढ़ जिले के तिलाईपाली से मौदा प्लांट के लिए निकली अच्छे ग्रेड के कोयले में कारीछापर स्थित साइडिंग में छाई कोयला मिलावट का खेल बेखौफ चल रहा है।

2 min read
Feb 12, 2026
कोयले में मिलावट का खेल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Coal supply controversy: रायगढ़ जिले के तिलाईपाली से मौदा प्लांट के लिए निकली अच्छे ग्रेड के कोयले में कारीछापर स्थित साइडिंग में छाई कोयला मिलावट का खेल बेखौफ चल रहा है। कुछ दिनों पूर्व इस मिलावट के खेल का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसके बाद भी अब तक एनटीपीसी के अधिकारी इस मामले में संबंधितों के खिलाफ कोई कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं।

तमनार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तिलाईपाली में एनटीपीसी को आवंटित कोल ब्लॉक है जहां से एनटीपीसी लारा को कोयला की आपूर्ति की जाती है। चूंकि खदान से एनटीपीसी लारा को रेल मार्ग से सप्लाई किया जाता है इसके कारण यहां अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन इसी खदान से एनटीपीसी की नागपुर में स्थित मौदा प्लांट के लिए भी तिलाईपाली खदान से कोयला की आपूर्ति की जा रही है। जिसके लिए एनटीपीसी ने तिलाईपाली खदान से कारीछापर साइडिंग तक के लिए ट्रांसपोर्टिंग का कार्य स्वामी फ्यूल्स को दिया गया है। बताया जाता है कि उक्त ट्रांसपोर्टिंग कंपनी बाहर की होने के पेट्री कॉंट्रेक्ट में रायगढ़ के का एक बड़ा ट्रांसपोर्टर कार्य कर रहा है।

ये भी पढ़ें

Coal smuggling: नेताओं-अफसरों के संरक्षण में कोयले की तस्करी, खोद रखे हैं 3 अवैध सुरंग, बाइकर्स गैंग ईंट-भट्ठों में खपाते हैं कोयला

कुछ दिनों पूर्व ही कारीछापर साइडिंग में मौदा प्लांट के लिए रखे गए कोयला में ट्रांसपोर्टर द्वारा छाई कोयला मिलावट का खेल खेलते वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। ऐसे में आशंका है कि लंबे समय से यहां पर अन्य राज्यों के लिए जाने वाली कोयले में मिलावट का खेल बेखौफ खेला जा रहा है, आस-पास क्षेत्र से छाई कोयला की डिमांड बढ़ गई है।

Coal supply controversy: ग्रेड में आ रहा है अंतर

एनटीपीसी तलाईपाली के कोयला में मिलावट के कारण देश को बिजली आपूर्ति करने वाले कंपनी के मौदा प्लांट में जो कोयला जा रहा है। वह मिलावटी है। मिनिस्ट्री ऑफ कोल ने तिलाईपाली माइंस के लिए जो ग्रेड घोषित किया हैं, उसमें अंतर आ रहा है। कारीछापर साइडिंग में धड़ल्ले से छाई लोड गाड़ियां पहुंच रही हैं।

नहीं मिला कोई जवाब

इस मामले को लेकर एनटीपीसी तिलाईपाली प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल की घंटी बजती रही। वहीं वाटसएप और टैक्स मैसेज किया गया, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं मिला।

इसलिए अब तक मामला नहीं खुला

कारीछापर में कोयला पहुंचने के बाद छाई मिलाई जा रही है। इसके बाद कोयला लोड हो रहा है। मौदा प्लांट में जो कोयला पहुंच रहा है, वह खदान से अलग है। इसमें छाई की काफी मात्रा है। छग से बाहर का प्लांट होने की वजह से अभी तक मामला सामने नहीं आया है। मिली जानकारी के मुताबिक, रोज कई गाड़ियां छाई लेकर पहुंच रहे हैं।

तलाईपाली से निकल रहा अच्छा कोयला

जिले में अब तक संचालित कोल ब्लॉकों में से सबसे अच्छा कोयला तिलाईपाली का है। बाकी खदानों से तुलना करें तो यह दो ग्रेड बेहतर है। सीसीओ से घोषित ग्रेड के अनुसार तलाईपाली में जी-7, जी-11, जी-12 और जी-13 ग्रेड का कोयला ही निकल रहा है। इसमें मिलावट कर दी जाए तो किसी को पता भी नहीं चलेगा। जी-7 में थोड़ी मिलावट की जाए तो वह जी-10 हो जाएगा। इतने में तो करोड़ों का खेल हो जाता है।

Published on:
12 Feb 2026 11:08 am
Also Read
View All

अगली खबर