
रायगढ़. शौचालय घोटाले की जांच करने में विभाग में आठ माह लगा दिया। वहीं इस आठ माह बाद महज दो वार्डों की रिपोर्ट दी गई। इस रिपोर्ट में शौचालय निर्माण के नाम पर गड़बड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि जिला प्रशासन ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
नगर निगम क्षेत्र में शौचालय निर्माण के मामले में ज्यादातर खानापूर्ति ही की गई है। इस मामले को लेकर काफी विवाद हुआ। वही विवाद को देखते हुए पहले नगर निगम ने जांच टीम बनाई। यह टीम करीब डेढ माह तक वार्डों में पहुंचते हुए जांच की। इस दौरान शौचालय घोटाले की सच्चाई भी उजागर हुई। इस जांच रिपोर्ट को नगर निगम की टीम ने निगम के अधिकारियों को भी सौंपा।
निगम की ओर से कार्रवाई होती इससे पहले ही जिला प्रशासन ने नई जांच टीम गठित की। इस जांच टीम की घोषणा होने के बाद यह कहा जा रहा था कि घोटालेबाजों पर कार्रवाई होगी, लेकिन टीम ने जांच में ही लेटलतीफी की। स्थिति यह रही कि जांच की रफ्तार ऐसी सुस्त रही कि मात्र दो वार्डों की जांच करने के लिए प्रशासनिक टीम को आठ माह लग गए। वहीं जब जांच में लेटलतीफी करने को लेकर बवाल शुरू हुआ तो प्रशासनिक टीम ने जांच दो वार्डों की रिपोर्ट सौंपी। टीम ने जांच रिपोर्ट तो सौंप दी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि जिला प्रशासन भी घोटालेबाजों पर कार्रवाई नहीं करना चाह रही है।
फिर होगा प्रदर्शन
जांच के नाम पर लेटलतीफी करने पर कांग्रेस ने मोर्चा खोला था। पहले तो कांग्रेस के द्वारा इस मामले को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और जांच रिपोर्ट सावर्जनिक करने की मांग की। वहीं जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई नहीं करने पर भी प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान चौक चौराहें पर पोस्टर चस्पा किया गया था। बताया जा रहा है कि अब कांग्रेस इस मामले को लेकर फिर से प्रदर्शन करने वाली है।
-शौचालय निर्माण के नाम पर जिन लोगों ने घोटाला किया है। ऐसे से लोगों पर कार्रवाई होना चाहिए। यह शुरू से मांग की जा रही है, लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा इस किसी प्रकार से कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में फिर से प्रदर्शन किया जाएगा- शाखा यादव, कांग्रेस पार्षद दल नेता