- छात्राओं ने अपने श्रमदान से गांव को दे दी अनोखी सौगात
रायगढ़. शिक्षक को यूं ही नहीं शिल्पकार कहा जाता है। इस बात का उदाहरण ग्राम तारापुर में देखने को मिलता है। युवा सप्ताह के दौरान तारापुर हाईस्कूल के छात्र.छात्राओं ने आपस में मिलकर गांव में एक चबूतरे का निर्माण कर दिया। इसके निर्माण की सामग्री भी छात्र-छात्राओं ने गांव के लोगों से चंदे में इक_ा किया और गांव में स्थित बरगद के पेड़ के नीचे एक बड़़े से चबूतरे का निर्माण अपने हाथों से किया।
मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय सेवा योजना बिलासपुर विश्वविद्यालय बिलासपुर के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. एएलएस चंदेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों में स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर 12 जनवरी से लेकर 18 जनवरी तक राष्ट्रीय युवा सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
इसके दौरान श्रमदान कर स्थाई प्रकृति के निर्माण कार्य कराए जाने का सुझाव दिया गया थाए जिसे अमल में लाते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तारापुर के स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं ने श्रमदान की ऐसी मिसाल खड़ी की कि उन्होंने स्वयं मिस्त्री, रेजा, श्रमिक बनकर राष्ट्रीय युवा सप्ताह के दौरान श्रमदान से बहुत बड़े चबूतरा का निर्माण कर लिया। छात्र-छात्राओं के इस निर्माण कार्य में ईट सीमेंट एवं बालू उपलब्ध कराने में ग्राम पंचायत के सरपंच लोकेश्वर पटेल पति अश्विनी कुमार पटेल का सहयोग प्राप्त हुआ, वहीं शिक्षक नवीन पटेल ने भी अपने ट्रैक्टर से चबूतरा निर्माण के लिए बालू या रेत उपलब्ध कराया। रासेयो स्वयंसेवियों के इस विशेष योगदान पर गांव के प्रबुद्ध जनों ने सराहना करते हुए इन्हें प्रोत्साहन दिया एवं श्रमदान के प्रति विद्यार्थियों के समर्पण को प्रेरक बताते हुए मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
खुश हो गए ग्रामीण
रासेयो के कार्यक्रम अधिकारी भोजराम पटेल ने बताया कि शाला प्रबंधन समिति के सदस्य डोलनारायन पटेल ने अपनी तरफ से छात्र-छात्राओं को सम्मान स्वरूप स्वल्पाहार भी कराया। तारापुर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र डनसेना सक्रिय सदस्य डोलनारायण पटेल, कैलाश निषाद के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी भोजराम पटेल सहायक कृष्ण कुमार सिदार महिला शिक्षिका पीटीआई वी पाणी, शिक्षक हरिशंकर पटेल सहित अन्य शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा छात्र छात्राओं को प्रोत्साहन मिला वहीं विद्यालय के प्राचार्य वीसीपी कालो ने भी छात्र छात्राओं के श्रमदान से निर्मित चबूतरा को एक सराहनीय एवं अनुकरणीय कार्य बताया ।