Chhattisgarh News: नगर निगम ने टैक्स वसूली अभियान तेज करते हुए जूटमिल पर 26 लाख बकाया पर कुर्की नोटिस चस्पा किया और पेट्रोल पंप समेत 5 संस्थानों को सील किया।
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नगर निगम ने बकाया कर वसूली को लेकर सख्त अभियान शुरू कर दिया है। लंबे समय से टैक्स नहीं चुकाने वाले बड़े बकायेदारों पर अब कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी क्रम में जूटमिल पर 26 लाख रुपए से अधिक का संपत्ति कर बकाया होने पर निगम की टीम ने कुर्की नोटिस चस्पा किया है, जबकि पेट्रोल पंप समेत पांच संस्थानों को सील कर दिया गया है।
निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में कई ऐसे संस्थान हैं, जिन्होंने वर्षों से संपत्ति कर, समेकित कर, जलकर और यूजर चार्ज का भुगतान नहीं किया है। वसूली के लिए राजस्व, अतिक्रमण, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई है, जो लगातार कार्रवाई कर रही है।
संयुक्त टीम ने जूटमिल परिसर पहुंचकर कुर्की नोटिस चस्पा किया। बताया गया कि यहां 26 लाख 38 हजार 418 रुपए का संपत्ति कर बकाया है। बार-बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने पर यह कदम उठाया गया।
बड़े बकायेदारों की सूची के आधार पर कार्रवाई करते हुए गोरखा पतरापाली चौक स्थित एक पेट्रोल पंप को सील किया गया। संचालक पर 2013 से 11 लाख 68 हजार 510 रुपए से अधिक का कर बकाया था। इसके अलावा अन्य कई संस्थानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई, जिन पर लाखों रुपए का बकाया था।
इसी तरह भगवानपुर, चक्रधर नगर और अन्य क्षेत्रों में स्थित कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर भी बकाया कर के चलते ताला जड़ दिया गया। जूटमिल मस्जिद के सामने संचालित एक संस्थान पर भी कुर्की नोटिस चस्पा कर उसे सील किया गया।
निगम का कहना है कि इन सभी बकायेदारों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने भुगतान नहीं किया। इसके बाद नियमानुसार कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई की गई।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपना बकाया टैक्स जमा कर दें, ताकि किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि राजस्व विभाग के कार्यालय अवकाश के दिनों में भी खुले रहेंगे। इससे नागरिक आसानी से अपने कर- जैसे संपत्ति कर, जलकर और यूजर चार्ज—का भुगतान कर सकेंगे। यह कार्रवाई संकेत देती है कि अब नगर निगम बकाया कर वसूली को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।