डेंगू से पीडि़त हैं और कई का इलाज मेकाहारा व जिंदल अस्पताल में
रायगढ़. शहर में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित बापू नगर के लोग हैं। इस मोहल्ले से मौजूदा समय में दर्जन भर से अधिक लोग डेंगू से पीडि़त हैं और कई का इलाज मेकाहारा व जिंदल अस्पताल में चल रहा है। हालत इतनी खराब है कि डेंगू से पीडि़त युवक की मौत भी हो चुकी है।
मृतक का उपचार जिंदल अस्पताल में चल रहा था। उसकी मौत तीन दिन पहले होने की बात कही जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे दबाए बैठा था। जब इसका खुलासा हुआ तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने बचाव में यह दलील दे रहे हैं कि मृतक को हार्ट की बीमारी पहले से थी, जिसके चलते उसकी मौत हुई है।
शहर में डेंगू का कहर लगातार बढ़ रहा है। इस साल इसकी शुरुआत शिवा नगर से हुई थी। शिवा नगर से लगातार डेंगू मरीज सामने आते रहे। ऐसे में निगम सजग हुआ और संबंधित क्षेत्रों में साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया। इसके बाद कहीं जाकर इस क्षेत्र से डेंगू का कहर शांत हुआ। वहीं कुछ दिनों से डेंगू का कहर बापू नगर में देखने को मिल रहा है।
इस क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। जिनमें कुछ पीडि़तों का उपचार मेहाकारा के साथ जिंदल अस्पताल में करवाया गया। वहीं मौजूदा समय में बापू नगर के ही करीब आधा दर्जन मरीज मेकाहारा व जिंदल अस्पताल में भर्ती हैं। डेंगू की चपेट में आने से बापू नगर निवासी अमर कंसारी (45) की मौत भी हो चुकी है। अमर कंसारी की मौत होने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कर रहे हैं। मृतक का उपचार जिंदल अस्पताल में चल रहा था।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह स्वीकार कर हैं कि अमर कंसारी की मौत हुई है, लेकिन उसकी मौत डेंगू से होने की बात बात पर वह दूसरा बयान दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अमर कंसारी को पहले से हार्ट व अन्य बीमारी थी। इसके अलावा वह डेंगू की चपेट में भी आ गया। जबकि मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यदि अन्य बीमारी पहले से थी तो उसकी मौत पहले हो जानी थी, डेंगू की चपेट में आने के बाद ही उसकी मौत कैसे हुई। लोगों का कहना है कि विभाग अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए इस तरह के दावे कर रहा है।
सफाई के नाम पर खानापूर्ति
बापू नगर शहर का एक पिछड़ा हुआ मोहल्ला है। जिस तरह यह मोहल्ला पिछड़ा हुआ है, उसी तरह यहां सफाई भी पिछड़ी हुई है। मोहल्ले के अधिकांश नालियों पर मलबा भरा हुआ है। निगम के द्वारा इस मोहल्ले में सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति ही की जा रही है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में डेंगू फैल रहा है।
मौत के बाद आई निगम को सफाई की सुध
मोहल्ले में जब लगातार डेंगू के मरीज सामने आए तो कुछ दिनों से निगम सफाई को लेकर वहां गंभीर हुआ है। मौजूदा समय में इस मोहल्ले में सुबह शाम फागिंग मशीन चलाई जा रही है। वहीं सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पहुंची डॉक्टरों की टीम
मोहल्ले से डेंगू के मरीज करीब 15 दिन पहले से आ रहे हैं। लगातार इस क्षेत्र से ही मरीजों की संख्या ज्यादा आने पर स्वास्थ्य विभाग ने टीम तैयारी थी। इस टीम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा नगर निगम के अधिकारियों को भी शामिल किया गया था। वहीं टीम ने जगह-जगह जाकर जांच की। इस दौरान कई जगहों पर डेंगू मच्छर के लार्वा भी पाया गया था, जिस नष्ट किया गया।