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पैसेंजर में मिले शव की हुई पहचान, परिजनों ने जागरूक नागरिक के हौसले को सराहा

- परिजन रायगढ़ पहुंचे और उसके शव को एंबुलेंस से गृहग्राम अंतिम संस्कार के लिए ले गए

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पैसेंजर में मिले शव की हुई पहचान, परिजनों ने जागरूक नागरिक के हौसले को सराहा

पैसेंजर में मिले शव की हुई पहचान, परिजनों ने जागरूक नागरिक के हौसले को सराहा

रायगढ़. गोंदिया झारसुगड़ा पैसेंजर क्रमांक ५८११८ में गुरुवार को मिली एक अज्ञात बुजुर्ग की लाश की पहचान जांजगीर-चांपा जिला अंतर्गत बाजारपारा कामन निवासी सूरज अवधेलिया पिता राम प्रसाद (६०) के रूप में हो गई है। रायगढ़ जीआरपी ने बड़ी मुश्किल से उसकी पहचान निकाली और उसके परिजनों तक सूरज की मौत होने की सूचना पहुंचाई। इसके बाद अगले दिन शुक्रवार दोपहर सूरज के परिजन रायगढ़ पहुंचे और उसके शव को एंबुलेंस से गृहग्राम अंतिम संस्कार के लिए ले गए।

गौरतलब है कि गुरुवार को गोंदिया झारसुगड़ा पैसेंजर क्रमांक ५८११८ में एक अज्ञात बुजुर्ग का शव घंटो पड़ा रहा, लेकिन उसे आरपीएफ और जीआरपी किसी ने भी नहीं उतारा। इस पर इसकी शिकायत जब एक जागरूक नागरिक ने आरपीएफ की हेल्पलाइन नंबर से लेकर जीआरपी रायगढ़ तक में की तब जाकर रेलवे के जिम्मेदार हरकत में आए और रायगढ़ ट्रेन के पहुंचते ही शव को ट्रेन से उतारकर मेडिकल चेकअप करवाया।

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जब इस बात की पुष्टि हुई कि अज्ञात की मौत हो चुकी है तो उसके बाद उसके शव को मेडिकल अस्पताल रायगढ़ की मरचुरी में रखवाया गया। शव को देखकर पहली नजर में यह पता चल गया था कि वह भिखारी है जो कि ट्रेन में चलकर भीख मांगने का काम करता था। इसके बाद ट्रेन में चलने वाले अन्य भिखारियों और वेंडरों से संपर्क करने के साथ ही अन्य जगह बात की गई तब जाकर उसकी पहचान हुई और परिजनों तक इसकी सूचना दी गई।

जागरूक नागरिक के हौसले को दिया धन्यवाद
मृृतक सूरज अवधेलिया का शव लेने पहुंचे परिजनों को जब पूरी कहानी पता चली तो उन्होंने उस जागरूक नागरिक का भी दिल से धन्यवाद और दुवाएं दी, जिसकी वजह से वह सूरज के शव तक पहुंच पाए।