
Electricity Bill: रायगढ़ जिले में संचालित केंद्र व राज्य शासन के सरकारी विभाग में बडे़ पैमाने पर बिजली बिल बकाया है। इसको लेकर विद्युत विभाग ने सर्वे कर बडे़ बकाएदारों को नोटिस जारी कर रहा है। वहीं छोटे बिल वालों को समय पर बिल जमा करने के लिए कहा जा रहा है। अगस्त तक की स्थिति में शासकीय विभागों से करीब 139 करोड़ रुपए की वसूली करना है।
शासकीय विभागों में लंबा-चौड़ा बिजली बिल बकाया है। इसकी वसूली को लेकर विद्युत विभाग सर्वे कर बिल जमा कराने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसको लेकर अब विभाग कहीं पत्राचार तो कहीं नोटिस जारी कर रहा है ताकि समय पर बिल जमा हो सके। अधिकारियों की माने तो कई विभाग द्वारा विगत छह माह से बिल जमा नहीं किया गया है। इससे बिल बढ़ता ही जा रहा है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा बिजली बिल का बकाया नगरीय निकायों पर है। रायगढ़ सर्किल के जोन-1 और जोन-2 के शासकीय विभागों के बड़े बकायदारों की फेहरिस्त लंबी है। इन शासकीय विभागों के बड़े बकायदारों की बिल न अदा करने के पीछे फंड नहीं होने की बात कही जा रही है। इसके चलते समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
विद्युत विभाग के सूची के अनुसार ग्राम पंचायत नल जल में 2236.49 लाख, ग्राम पंचायत सड़क बत्ती में 207.90 लाख, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अन्य में 85.91 लाख, नगरीय निकाय नल जल (निगम, पालिका, नगर पंचायत) विभाग के ऊपर 6786.16 लाख रुपए, नगरीय निकाय सड़क बत्ती (निगम, पालिका, नगर पंचायत) में 2737.91 लाख रुपए, नगरीय निकाय अन्य (निगम, पालिका, नगर पंचायत) में 331.96 ये सभी योजना लाख में है।
इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग में 238.91 लाख, स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य कई विभागों पर भी करोड़ों रुपए का बिल बकाया है। इसके साथ ही केंद्र शासन के विभागों में रेलवे, एफसीआई, डाक विभाग, आयकर विभाग, एलआईसी, माइनिंग विभाग पर भी करोड़ों रुपए विद्युत विभाग को देना है।
शासकीय विभाग से बिल वसूली के लिए फिलहाल नोटिस पर नोटिस जारी किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कुछ खास वसूली नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि जब तक शासन से राशि अबंटन नहीं होगा, तब तक बकाया जमा हो पाना मुश्किल है। जिससे अब विद्युत विभाग को फंड आबंटन का इंतजार करना होगा, तभी वूसली संभव है।
जिले में आम उपभोक्ता भी बिजली बिल बकाया में पीछे नहीं है। देखा जाए तो जिले में एक लाख रुपए से अधिक बकाएदार के पास करीब डेढ़ करोड़ रुपए बकाया है, तो वहीं 50 हजार से एक लाख के बीच में करीब 9 करोड़ रुपए की वसूली करना है। इससे विभाग द्वारा अब अभियान चलाकर वसूली की जा रही है। वहीं इन दिनों 50 हजार रुपए से अधिक के बकाएदारों का कनेक्शन कटाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि अब धान फसल तैयार होने वाला है, जैसे ही धान का पैसा आता है तो सबसे पहले बिजली बिल जमा करेंगे। इसको लेकर विभाग भी आम उपभोक्ताओं पर थोड़ी नरमी बरती जा रही है।
Electricity Bill: आम उपभोक्ताओं की लगातार लाइन काटने का काम चल रहा है। इसके बाद भी अगर राशि नहीं आ रही है तो टीम इसकी भी मानिटरिंग कर रही है, ताकि कोई उपभोक्ता चोरी की बिजली का उपयोग तो नहीं कर रहा है। अगर ऐसा करते कोई पाया जाता है तो ऑन द स्पाट एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है, ताकि लाइन कटने के बाद कोई उपभोक्ता चोरी की बिजली का उपयोग न कर सके।
बिजली बिल वसूली के लिए शासकीय विभागों को नोटिस भेजा जा रहा है। वहीं आम उपभोक्ताओं की बिजली काटी जा रही है। इसके लिए अलग-अलग टीम लगातार वसूली अभियान में लगी हुई है- आरके राव, ईई, सीएसईबी, रायगढ़