औचक निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग की टीम ने आरोपी को व्यवसाय व घरेलू उपयोग में बिजली चोरी करते हुए टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था।
रायगढ़. खरसिया के जवाहर कॉलोनी में बिजली चोरी के मामले में कोर्ट ने एक किराना व्यवसायी को २ लाख ४६ हजार २०७ रुपए का जुर्माना लगाया है। औचक निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग की टीम ने आरोपी को व्यवसाय व घरेलू उपयोग में बिजली चोरी करते हुए टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था। विभागीय प्रक्रिया के बाद उक्त प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
रायगढ़ विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) गीता नेवारे ने बिजली चोरी के मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। जिसकी पैरवी शासकीय अधिवक्ता पंचानन गुप्ता ने की। मिली जानकारी के अनुसार मामला ३० मई २००९ का है। जब खरसिया बिजली विभाग की टीम अचौक निरीक्षण करने के लिए खरसिया के जवाहर कॉलोनी गई हुई थी। जहां खेमसिंह राजपूत ७३ वर्ष के किराना दुकाना में बगैर विद्युत कनेक्शन के बिजली का उपयोग करते हुए पाया गया।
किराना व्यवसायी द्वारा दुकान में १७३ वाट जबकि घर में ४०१० वाट का बिजली चोरी करना पाया गया। जिसमें बिजली विभाग को ८२ हजार ६९ रुपए का क्षति हुई। जिसे देखते हुए विभाग ने प्रकरण दर्ज करने के बाद इस मामले को पुलिस को सौंप दिया। जहां पुलिस ने इस मामले में खेमसिंह राजपूत के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच शुरु की। करीब ९ साल पुराने बिजली चोरी के मामले में कोर्ट ने किराना व्यवसायी को दोषी मानते हुए बिजली विभाग की क्षति राशि का ३ गुना जुर्माना २ लाख ४६ हजार २०७ रुपए का जुर्माना लगाया है। बताया जा रहा है कि आरोपी के द्वारा लंबे समय से बिजली की चोरी की जा रही थी।
वहीं डोंगरीपाली पुलिस ने दहेज प्रताडऩा के एक मामले में अपराध दर्ज किया है। पीडि़त बहू की शिकायत पर उसके पति, सास, ससुर व डेढ़ सास को आरोपी बनाया गया है। पीडि़ता ने शादी के दो माह बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सरिया के दादरपाली निवासी अंजनी यादव २२ वर्ष की शादी, २८ जून २०१७ को डोंगरीपाली थाना क्षेत्र के कमलापानी निवासी दौलतराम यादव के साथ हुई थी। पीडि़ता की माने तो शादी के दो माह बाद ही उसे दहेज को लेकर प्रताडि़त किया जाने लगा। जिससे वो काफी परेशान रहती थी। बताया जा रहा है कि विवाहिता ने इस बात की जानकारी अपने मायके के लोगों को दी। यह ऐसे में ससुराल पक्ष के लेागों को समझाने का प्रयास भी किया गया था।