अपने पत्नी के दशकर्म में शामिल होने के लिए आ रहे ग्रामीण का सामना रात के 11:00 बजे हाथी से हो गया. हाथी ने ग्रामीण को कुचलकर मार डाला है.
रायगढ़. वह अपनी पत्नी के दशकर्म में शामिल होने के लिए अपने ससुराल आया था रात को पैदल ही गांव की ओर निकल गया था. इसी दौरान लगभग 11:00 बजे उसका सामना एक हाथी से हो गया.
इस घटना में हाथी ने ग्रामीण को बुरी तरह से कुचलकर मार डाला है. इस बात की जानकारी गांव के लोगों को सुबह के समय तब हुई जब वह गांव से बाहर निकले थे. मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई. वन अमला मौके पर पहुंच गया है और आगे की कार्रवाई कर रहा है. घटना रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज की है. ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक का नाम भुवन धनवार उम्र 35 साल है.
वह अपने गांव ढोंढा से अपने ससुराल खर्रा के लिए मंगलवार को निकला था. लोगों ने बताया कि उसके गांव ढोंढा व उसके ससुराल खर्रा गांव की दूरी लगभग 70 से 75 किलोमीटर है. कुछ दिन पहले उसके पत्नी की मौत बीमारी की वजह से हो गई थी. किसी कारणवश उसका दशकर्म उसके ससुराल यानी कि खरा गांव में संपन्न होने वाला था. वह इस में शामिल होने के लिए अपने गांव ढोंढा से बस के सहारे कूड़े केला तक पहुंचा था.
इस दौरान रात हो गई थी. ऐसे में वह अपने ससुराल के लिए पैदल ही निकल पड़ा था. रात के लगभग 11:00 बजे बांसा झार व खरा गांव के बीच उसका सामना एक जंगली हाथी से हो गया इस घटना में जंगली हाथी ने ग्रामीण भवन को बुरी तरह से कुचल कर मार डाला है. क्योंकि यह देर रात की घटना थी इसके कारण उसके शोर और चीज़ की आवाज गांव वालों तक नहीं पहुंच पाई मौके की जो स्थिति है उसके अनुसार घटनास्थल खर्रा गांव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर है. अगले दिन सुबह यानि बुधवार को जब ग्रामीण अपने गांव से बाहर निकले तो उन्होंने एक क्षत-विक्षत शव को देखा.
सब की स्थिति देखने के बाद ग्रामीणों की समझ में यह आ गया था कि यह हाथी के हमले का परिणाम है. इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत मामले की सूचना वन विभाग को दी. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. जब सब का मुआयना किया गया तो पता चला कि यह इसी गांव के दामाद भुवन का शव है जो अपने पत्नी के 10 कर में शामिल होने के लिए यहां आ रहा था. इसके बाद पूरे गांव में शोक व सनसनी का माहौल बन गया था. मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तात्कालिक सहायता राशि के रूप में मृतक के परिजनों को ₹25000 प्रदान किए. ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना में 4 बच्चे अनाथ हो गए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पत्नी का मौत कुछ दिन पहले हो गया था वहीं पति की मौत मंगलवार की देर रात हाथी के हमले के कारण हो गई. ऐसे में उसके चार छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी पाचवी कक्षा में पढ़ती है वही उस से छोटी वाली तीसरी कक्षा में पढ़ती है जबकि एक बेटा है जो अभी स्कूल नहीं जाता है वही एक और बच्चा है जो दूधमुंहे है. इस घटना के बाद उसके परिजनों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि अब इन बच्चों का क्या होगा इसका लालन-पालन कैसे हो सकेगा. इस मामले में जब वन अमले से बात किया गया तो बताया कि उनकी ओर से लगातार हाथी के संबंध में गांव में मुनादी करवाई जाती है.
जबकि ग्रामीण इस बात से इंकार कर रहे हैं ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो 4 दिनों से मुनादी गांव में नहीं करवाई जा रही है. विदित हो कि जिले का धरमजयगढ़ वन मंडल हाथी और मानव के संघर्षों का क्षेत्र है. इसमें कभी हाथी मानव की जान लेता है तो कभी मानव हाथी पर भारी पड़ता है. अब तक के जो आंकड़े हैं उसके हिसाब से हाथी ही मानवों पर भारी पड़े हैं.