पिता-पुत्री से मारपीट के मामले में नया मोड़
रायगढ़. शहर के ढिमरापुर दीनदयाल बस्ती में तीन दिन पहले पिता-पुत्री से मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया है। युवती की माने तो वो शनिवार की रात इलाज के लिए जब निजी अस्पताल पहुंची तो एक छुटभैया नेता ने उसे धमकी दी।
जिसके बाद युवती रोते हुए बगैर इलाज कराए एसपी आफिस पहुंची। वहीं मामले की जानकारी पुलिस के आला अधिकारी को दी। इसके बाद आला अधिकारी ने महिला सेल को पीडि़ता को साथ कोतवाली भेजा। वहीं जब तक इस मामले में अपराध दर्ज नहीं होता है। तब तक नहीं लौटने की बात कही है। ऐसे मेंं, महिला सेल की टीम पीडि़ता के साथ कोतवाली पहुंच कर अपराध दर्ज करने की कवायद में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार ढिमरापुर दीनदयाल कॉलोनी में 3 दिन पहले पिता जंग बहादुर ठाकुर, उसके पुत्र अजय ठाकुर सहित 4 लोगों पर एक युवती ने मारपीट करने का आरोप लगाया था। बीच बचाव करने आए उसके पिता के साथ भी मारपीट की गई थी। इस मामले में पीडि़ता ने कोतवाली में शिकायत की। डाक्टरी मुलाहिजा के बाद पीडि़ता का बयान भी लिया गया। पर पीडि़ता ने बयान लेने के दौरान पुलिस पर कई तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया था।
इस बीच शनिवार को पीडि़ता इलाज के लिए ट्रैफिक थाना के करीब एक निजी अस्पताल में पहुंची। जहां एक पार्टी के छुटभैया नेता ने युवती को धमकी दी। युवती ने उस अस्पताल में एक विधानसभा प्रत्याशी का नाम भी बताया है, जो वहां मौजूद था। युवती, अस्पताल का सीसी कैमरे भी खंगालने का दावा भी कर रही है। ताकि इसकी पुष्टि हो सके। ऐसे में, बगैर इलाज के डरी- सहमी युवती एसपी आफिस पहुंच गई। जहां फोन पर रो कर पुलिस अधिकारी से अपनी बात कही।
महिला सेल को साथ मेंं भेजा तब बनी बात
पुलिस के आला अधिकारी ने पीडि़ता की इस स्थिति को देखते हुए महिला सेल को युवती के पास भेजा। वहीं युवती को साथ थाना ले जाने, आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश दिया। महिला सेल को जब तक अपराध दर्ज नहीं हो जाए। वहां से नहीं लौटने की हिदायत भी दी गई थी। ऐसे में, शनिवार की देर रात तक पीडि़त युवती का बयान दर्ज कर शामिल आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की पहल की जा रही थी।