
45 मिनट तक रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर चेन पुलिंग कर रोकी गई ट्रेन
रायगढ़. दरभंगा से सिकंदराबाद जा रही साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस के यात्री, गंदगी व पानी के अभाव के बीच शौच करने नहीं जा सके। शिकायत करने के बावजूद जब कोच में सफाई व पानी की उपलब्धता नहीं कराई गई तो यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। उसके बाद उन्होंने रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को करीब 45 मिनट तक चेन पुलिंग कर रोक दी। वहीं रेल अधिकारियों के उदासीन रवैये पर जमकर हंगामा मचाया।
करीब पौन घंटे की समझाईश के बाद नाराज यात्रियों को जैसे-तैसे शांत कराया गया। उसके बाद ट्रेन को आगे रवाना किया। जिसके बाद रेल व सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर कुछ दिनों पहले ठहराव मिले दरभंगा-सिकंदराबाद साप्ताहिक सुपरफास्ट के यात्रियों ने शनिवार की सुबह स्थानीय स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। मिली जानकारी के अनुसार मामला शनिवार की सुबह करीब 10 बजे की है। जब करीब 9 घंटे की देरी से दरभंगा-सिकंदराबद रायगढ़ सटेशन पर पहुंची। 5 मिनट के ठहराव के बाद जब ट्रेन आगे बढऩे के लिए हार्न बजाया तो यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन के पहिए को रोक दिया।
नाराज यात्रियों में महिलाएं भी शामिल थी। हंगामा कर रहे यात्रियों ने बताया कि स्लीपर कोच एस-5 से लेकर एस-10 तक के टॉयलेट में इतनी गंदगी है कि पांव रखना मुश्किल है। वहीं एस-6, 7, 8 के टॉयलेट में पानी नहीं आ रहा है। जिसकी वजह से सुबह 10 बजे तक कई यात्री शौच नही जा सके थे। नाराज यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के राउरकेला पहुंचने पर इस बात की शिकायत की गई थी।
रेल प्रशासन की ओर से राउरकेला में पानी भरने की बात कही गई थी। पर ट्रेन को रवाना कर दिया गया। इसकी वजह से पानी नहीं भर पाया। पानी के अभाव में टॉयलेट में इस कदर गंदगी फै ली हुई थी कि उसमें पांव रखना भी मुश्किल था। नाराज यात्रियों ने झारसुगुड़ा में भी इसकी शिकायत की। पर कोई असर नहीं हुआ। जिसकी वजह से ट्रेन के रायगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।
समझाईश देने में छूटे पसीने
रायगढ़ रेल प्रशासन की ओर से सीएसएम पीके राउत अपने अधिनस्थ स्टॉफ के साथ हंगामा कर रहे यात्रियों को समझाईश देने में जुटे हुए थे। पर ट्रेन में पानी भरने व टॉयलेट की सफाई की जिद पर अड़े यात्रियों का गुस्सा शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था। कुछ पल के लिए वहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे। जिसे देखते हुए आरपीएफ व जीआरपी जवानों को तैनात करना पड़ा। करीब 45 मिनट की समझाईश के बाद करीब 11 बजे ट्रेन को बिलासपुर की ओर रवाना किया गया।
पैसा पूरा, सुविधाएं जीरो
नाराज महिला यात्री बार बार इस बात को दोहरा रही थी कि ट्रेन में आरक्षक टिकट लेने के लिए लंबी कतार में खड़े हो, पूरे पैसे भी दो। जब बात सुविधाओं की आती है तो शिकायत के बावजूद हाथ पीछे खीच लेते हैं। इसकी जिम्मेदार कौन है। यात्रियों के इस तीखे सवाल का जवाब स्थानीय रेल अधिकारी भी नहीं दे पाए। जैसे-तैसे नाराज यात्रियों को समझाईश देकर ट्रेन को बिलासपुर की ओर रवाना किया गया है।
उधर नहीं देते है ध्यान
हंगामा के बीच कुछ यात्री यह भी कह रहे थे कि ओडि़शा क्षेत्र से ट्रेन के गुजरने के दौरान कुछ परेशानी होने पर मामले को टालने की कोशिश की जाती है। शनिवार की सुबह दरभंगा-सिकंदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस का मामला इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। यह फार्मूला ट्रेन में कोई अपराधिक वारदात के दौरान भी देखने को मिलता है। जिसकी खानापूर्ति रायगढ़ व उसके आगे के रेलवे स्टेशन पर पूरी की जाती है। इससे यात्रियों को काफी परेशनी का सामना करना पड़ता है।
Published on:
05 May 2018 06:59 pm
