- स्टोर रूम के आलमारी से पार हुए थे नोटों के बंडल व सोने-चांदी के जेवरात
रायगढ़. चक्रधर बाल सदन की बर्खास्त अधीक्षिक सविता साव के ऊपर कोतवाली पुलिस ने अमानत पर खयानत के तहत एफआईआर दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार सविता साव को उसके पद से बर्खास्त करने के बाद भी उसने प्रभार नहीं सौंपा था। वहीं जब समिति द्वारा बाल सदन को अपने हैंडओवर में लेकर कार्यालय में मौजूद आधा दर्जन से अधिक अलमारियों की जांच की गई, तब स्टोर रूम में रखे दो बंद आलमारी का लॉक टूटा हुआ था। वहीं आलमारी में रखे नोटों के बंडल व सोने चांदी के जेवरात पार थे।
ऐसे में महिला बाल विकास विभाग ने कलक्टर की अनुशंसा वाले पत्र के जरिए सविता साव के खिलाफ एफआईआर के लिए पत्र लिखा गया था। तीन महीने बाद पुलिस ने बाल सदन में कार्यरत कर्मचारियों व ताला तोडऩे वाले मैकेनिक के बयान के बाद सविता साव के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।
मिली जानकारी के अनुसार चक्रधर बाल सदन की पूर्व अधीक्षिका सविता साव की सेवा 02 जून को समाप्त कर दी गई थी। वहीं 02 जून को ही बाल सदन के अधीक्षिका पद का संपूर्ण प्रभार मनोरमा साहू परीविक्षा अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया गया था। इसके बाद भी पूर्व अधीक्षिका द्वारा चार्ज नहीं दिया जा रहा था।
विभाग द्वारा कई बार उसे चार्ज सौंपने के लिए नोटिस भी दिया गया, लेकिन सविता ने अपना चार्ज नहीं दिया। ऐसे में प्रभार नहीं सौंपे जाने पर संस्था के सुव्यवस्थित संचालन व कार्यालयीन अभिलेखों को अपने सुपुर्द में लेने के लिए समिति का गठन किया गया। इसके बाद 04 जुलाई को समिति ने पंचनामा तैयार करते हुए संस्था के अलमारी में मौजूद दस्तावेज को लेकर जांच-पड़ताल की।
इस दौरान जांच टीम ने पाया कि स्टोर रूम में पूर्व ट्रस्ट के समय से बंद पड़े दो लोहे की आलमारी का ताला टूटा हुआ है। जब उसकी जांच की गई तो उसमें नोटों के बंडल और सोने चांदी के जेवरात पार थे। इसके बाद जांच टीम द्वारा इसका प्रतिवेदन तैयार कर कलक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस पर कलक्टर ने पूर्व अधीक्षिका के खिलाफ तत्काल एफआईआर कराने की अनुशंसा की। जहां कई लोगों के बयान के बाद पुलिस ने आरोपिया पूर्व अधीक्षिका के खिलाफ धारा 409 के तहत अपराध दर्ज किया है।