रायगढ़

शहर में घुस जाते हैं भारी वाहन, इनकी रफ्तार और लोड देख छूटते हैं पसीने

सबसे ज्यादा प्रभावित मरीन ड्राइव का इलाका

2 min read
Oct 17, 2018
सबसे ज्यादा प्रभावित मरीन ड्राइव का इलाका
सबसे ज्यादा प्रभावित मरीन ड्राइव का इलाका

रायगढ़. शहर में रात के दौरान लोगों के जान पर बन आती है। स्थिति यह है कि टनों लोड ओवरलोड ट्रक, डंपर बीच में शहर में घुस जाते हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित मरीन ड्राइव का इलाका होता है। इस मार्ग में भारी वाहन प्रतिबंधित होने के बावजूद भी डंपर और ट्रकों को फर्राटे भरते देखा जा सकता है।

लोगों का कहना है कि इनकी स्पीड इतनी होती है कि सड़क पर चलने से डर लगता है। ऐसा नहीं है कि पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है इसके बाद भी फिलहाल पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। यह बात आम लोगों में चर्चा का विषय है। इस मार्ग में भारी वाहन आवागमन करने के कारण कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है। रात दस बजते ही ये भारी वाहन लंबी कतार में 60-70 की स्पीड में वाहन मेरिन ड्राइव से होते हुए शहर में प्रवेश करते हैं।

मरीन ड्राइव में चलने वाले लोगों को हमेशा भय सताता रहता है कि कहीं दुर्घटना ना हो जाए। मेरिन ड्राइव की चौड़ाई भी उतनी नहीं कि एक भारी वाहन सामने से आती रहे और कोई चारपहिया वाहन उसमें आराम से जा सके। इस कारण कई बार रात में जाम की स्थिति भी बन जाती है। कुछ लोगों ने बताया कि ये भारी वाहन सड़क पर जब चलते हैं आने जाने वाले दुपहिया चारपहिया वाहनों को साईड भी नहीं देते और अपनी स्पीड में बने रहते हैं। लोग दुर्घटना के भय से खुद ही कुछ देर अपनी वाहन खड़ा कर इनके जाने तक का इंतजार करते हैं।


कई बार हो चुका है हादसा
इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से कई बार हादसा हो चुका है। इस बात को लेकर लोगों के द्वारा मरीन ड्राइव मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाए जाने की मांग भी की जा चुकी है, लेकिन यातायात विभाग इस पर कार्रवाई नहीं की। ऐसे में रात होते ही इस मार्ग पर भारी वाहनों की रेलमपेल लगी रहती है। बताया जा रहा है कि दो वर्ष पहले कुछ मवेशी भी भारी वाहन की चपेट में आए गए थे।


सड़क की हालत भी खराब
मौजूदा समय में बेलादुला मरीन ड्राइव की हालत काफी खराब है। स्थिति यह है कि इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। इसकी वजह से इस मार्ग पर लोगों का आवागमन करना भी मुश्किल हो गया है। मरीन ड्राइव सड़क के इस हालात का जिम्मेदार भी भारी वाहन है। ऐसे में स्थानीय लोगों के द्वारा उक्त मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के साथ सड़क जीर्णोद्धार की मांग की जा चुकी है, लेकिन इसमें कोई सुधार नहीं हो सका।

Published on:
17 Oct 2018 05:35 pm