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इस वजह से पांच लोगों ने मिलकर झोलाछाप डॉक्टर का कर लिया अपहरण, जानकर आप भी रह जाएंगे भौचक्के

तीन अभी फरार

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तीन अभी फरार

तीन अभी फरार

रायगढ़. शराब के नशे में चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के एक झोलाछाप डॉक्टर को डींग हांकना महंगा पड़ गया। उसने कुछ दिन पहले गांव में एक जश्न के दौरान शराब के नशे में ऐलान किया कि उसके पास इतना पैसा है, वह सभी को खरीद सकता है। वहां खड़े कुछ युवकों ने उसके डींग को सच मान लिया और लंबी फिरौती मिलने के लालच में उसके अपहरण का प्लान बनाकर उसे किडनैप भी कर लिया।

डॉक्टर के परिजन अपहरणकर्ताओं के पास फिरौती की रकम लेकर पहुंचते उससे पहले ही पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखकर आरोपी डॉक्टर को वहीं छोड़कर भाग गए। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया है। जबकि तीन अभी फरार हैं, जिन्हें पुलिस जल्द पकड़ लेने की बात कह रही है।

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चक्रधर नगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 15 अक्टूबर की रात 9 बजे लामीदरहा निवासी जया चौहान को उसके पति नेहरू चौहान का फोन आया कि मेरा कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है और घर में जितना भी पैसा है उसे घर के सामने रहने वाले श्रवण चौहान के जरिए गोवर्धनपुर पचधारी स्थित पुल के पास जल्दी भेजो। वरना ये लोग मुझे जान से मार देंगे। अपहरण व जाने से मारने की बात सुनकर झोलाछाप डॉक्टर की पत्नी जया चौहान घबरा गई और घटना की जानकारी अपने पति के जीजा को दी। इसके बाद नेहरू के जीजा ने तुरंत डायल 112 को फोन कर घटना की सूचना दी।


सूचना मिलते ही पुलिस की गाडिय़ां गांव में पहुंची और आसपास के क्षेत्रों में आरोपियों की खोजबीन में जुट गई। पुलिस को गांव में आता देख आरोपीगण डर गए और नेहरू को वहीं छोड़कर भाग गए। इसके बाद नेहरू खून से लथपथ गंभीर हालत में घर पहुंचा। अपहरणकार्ताओं ने उसे बुरी तरह मारा था, जिससे उसके नाक, कान आंख में गंभीर चोटें आई थीं। घर पहुंचकर नेहरू ने परिजनों व पुलिस को घटना के बारे में बताया।


इलाज के बहाने बुला कर किया अपहरण
नेहरू ने पुलिस को बताया कि 15 अक्टूबर की रात 7 बजे उसे आमापाल के सेतकुमार चौहान ने फोन कर कहा कि उसके घर में कोई बीमार है, जल्दी घर आ जाओ। नेहरू जैसे ही आमापाल बस्ती के पास पहुंचा उसे फिर से सेतकुमार का फोन आया और उसने जानकारी दी कि मरीज की गंभीर हालत के चलते उसे रायगढ़ अस्पताल ले गए हैं, तुम वापस चले जाओ।

इसके बाद नेहरू अपनी बाइक से वापस घर लामीदरहा के लिए निकल पड़ा। रास्ते में लामीदरहा व आमापाल के बीच उसे सेतकुमार अपने चार साथियों से मिला और नेहरू चौहान को रुकवा कर उसके साथ मारपीट करने लगा। आरोपी नेहरू चौहान का अपहरण कर उसे गोवर्धनपुर पुलिया पचधारी घाट के पास सूने स्थान पर ले गए। इसके बाद उन लोगों ने नेहरू से उसकी पत्नी को फोन करवाकर घर में जितना भी रुपया है उसे मंगवा रहे थे। इससे पहले डॉक्टर के परिजन फिरौती की रकम लेकर आरोपियों तक पहुंचते गांव में पुलिस पहुंच गई और पुलिस को देख आरोपीगण डॉक्टर को वहीं छोड़कर फरार हो गए।


डींग हांकने के चलते डॉक्टर हुआ किडनैप
चक्रधर नगर टीआई युवराज तिवारी ने बताया कि कि कुछ दिन पहले झोलाछाप डॉक्टर नेहरू चौहान गांव में जश्न के दौरान शराब के नशे में कह रहा था कि उसके पास इतना रुपया है वह सब को खरीद सकता है। इसी डींग के चलते आरोपियों ने उसके अपहरण का प्लान बना डाला। पुलिस का दावा है कि फरार तीन अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों में दो लोग आईटीआई कॉलोनी अंबेडकर आवास और दो आमापाल व एक लामीदरहा का रहने वाला है।


गोवर्धनपुर पुल बन रहा अपराध का अड्डा
जिस गोवर्धनपुर पुल में नेहरू चौहान को बंधक बनाकर रखा गया था वह अपराधियों का अड्डा सा बनता जा रहा है। कुछ दिन पहले ही वहां एक ट्रक चालक का रास्ता रोक कर कुछ लोगों ने पहले तो दुर्गा चंदा मांगा, जब ट्रक चालक ने 100 रुपए दिया तो उन लोगों ने चालक को नीचे उतार कर मारपीट करते हुए उसके सारे रुपए लूट लिए।

हालांकि इस मामले में ट्रक चालक ने थाने में शिकायत नहीं की। लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उसने मेन रोड में कई लोगों को घटना के बारे में बताया था। इस रास्ते में लगातार ऐसी घटनाएं होने के बाद भी पुलिस रात्रि गश्ती पर ध्यान नहीं दे रही है।