- विधायक रोशन लाल अग्रवाल ने कहा कि महराजा चक्रधर सिंह की स्मृति में यह आयोजन किया जाता है
रायगढ़. 34वें चक्रधर समारोह का उद्घाटन केंद्रीय राज्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद विष्णुदेव साय ने कहा कि चक्रधर समारोह की वजह से जिले को देश व विदेश में पहचान मिली है। वहीं उन्होंने कहा कि रायगढ़ वासियों का सौभाग्य है कि यहां ऐसे महाराजा का जन्म हुआ जिसकी याद में यह कार्यक्रम होता है और इस कार्यक्रम के माध्यम से शहर देश-विदेश में प्रख्यात हुआ।
इस कार्यक्रम के अवसर पर रायगढ़ से पत्थलगांव की सड़क को एनएच घोषित किए जाने के संबंध में भी जानकारी दी। वहीं कहा कि पिछले दिनों केंदीय मंत्री नितिन गड़करी के छत्तीसगढ़ प्रवास पर उन्होंने यह मांग रखी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने उक्त मार्ग को एनएच घोषित किए जाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने रामलीला मैदान के जीर्णोंद्धार की बात कही। उन्होंने मंच पर यह कहा कि रामलीला मैदान का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा।
इसके लिए कलेक्टर से चर्चा हुई है। जीर्णोद्धार में मैदान में बाउंड्रीवाल व गेट लगवाए जाने की बात कही। समारोह उद्घाटन अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में मौजूद रायगढ़ विधायक रोशन लाल अग्रवाल ने कहा कि महराजा चक्रधर सिंह की स्मृति में यह आयोजन किया जाता है। वहीं समारोह में गायन, वादन व नृत्य के शीर्ष कलाकार इस मंच पर आ चुके हैं। इस दौरान कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह की पहली शाम कथक की झनकार पूरे पंडाल में गूंजती रही। बीच-बीच में दर्शकों की ताली पंडाल में गुंजायमान हो रही थी। कार्यक्रम देर रात तक चला। लोग अपनी जगह पर शांतिपूर्वक बैठे रहे।
वेदमणि के वंदना से कार्यक्रम हुआ शुरू
समारोह की पहली संध्या कलागुरु वेदमणि ङ्क्षसह ठाकुर के गणेश वंदना से शुरू हुई। वहीं इसके बाद बनारस से यहां पहुंचे कथक नर्तक विशाल कृष्णा के कथक नृत्य प्रस्तुत किया। समारोह में तीसरा कार्यक्रम मुंबई से आई पाश्र्व गायिक महालक्ष्मी अय्यर के गायन का रहा। पहला दिन होने के कारण चक्रधर समारोह का पंडाल लोगों से भरा हुआ थ। वहीं अधिकारियों की टीम भी मुस्तैदी से लगी हुई थी।
रायगढ़ घराने को प्रूव करने की आवश्यकता
रायगढ़. कथक नृत्य में रायगढ़ घराने को नाम तो मिल चुका है, लेकिन अभी मुकाम हासिल नहीं हुआ है। मुकाम पाने के लिए रायगढ़ घराने के कलाकारों को इस घराने को प्रूव करने की आवश्यकता है। यह कहना है बनारस घराने के कथक नर्तक विशाल कृष्णा का। नर्तक विशाल कृष्णा चक्रधर समारोह की पहली संध्या कथक नृत्य की प्रस्तुति देने शहर पहुंचे थे। कार्यक्रम से पूर्व दोपहर को एक होटल में प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी।
प्रेस वार्ता के दौरान नर्तक विशाल कृष्णा का कहना था कि बनारस, लखनऊ व जयपुर प्रमुख घराना है। इन घरानों के साथ अब रायगढ़ घराने का नाम भी लिया जाता है। कई जगह के मंचों पर रायगढ़ घराने के नाम से प्रस्तुति दी जाती है। इस तरह रायगढ़ घराने को नाम तो मिल चुका है, लेकिन अभी मुकाम नहीं मिला है। इस मुकाम के लिए रायगढ़ घराने के कलाकारों को ही साबित करना पड़ेगा कि यह रायगढ़ घराना है।
कथक में चल रहे फ्यूजन के दौर को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि फ्यूजन दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। यदि इसे दायरे में रहकर किया जाता है तो नृत्य के मूल स्वरूप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनके द्वारा भी कई मौकों पर फ्यूजन किया गया है, लेकिन यह फ्यूजन एक दायरे तक ही सीमित था। मौजूदा दौर में क्लासिकल डांस को लेकर टीवी शो में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस सवाल पर उनका कहना था कि यह डांस का मंच चार दिन की चांदनी की तर्ज पर है।
टीवी शो में मिल रहा नए लोगों को मौका : महालक्ष्मी
रायगढ़. गायन के रियालिटी शो में नए कलाकारों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस कार्यक्रम में नए कलाकारों के लिए बेहतरीन मंच साबित हो रहा है। यह कहना है कि मुंबई की पाश्र्व गायिका महालक्ष्मी अय्यर की। पाश्र्व गायिका महालक्ष्मी अय्यर चक्रधर समारोह की पहली संध्या कार्यक्रम प्रस्तुत करने यहां पहुंची थी। प्रेसवार्ता के दौरान पाश्र्व गायिका अय्यर का कहना था कि टीवी शो के जरिए नए कलाकारों के नए-नए आवाज सुनने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समोराह के बारे में वे सुनी थी, लेकिन आने का मौका नहीं मिला था। अब पहली बार उन्हें यहां आने का मौका मिला। इससे वो काफी खुश भी है। वे मुंबई में जन्मी, पली-बढ़ी, लेकिन विभिन्न भाषाओं में उनकी बेहतरीन पकड़ है और वे कई भाषाओं में गायन करती है। कुछ समय पूर्व ही उन्हें उडिय़ा भाषा में गायन के लिए स्टेड आवार्ड मिला। अन्य सवालों का भी जवाब दिया।