
Raigarh Murder Case: रायगढ़ जिले में जली हुई अवस्था में मिली एक बुजुर्ग महिला की लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में सामने आया है कि महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके लिव-इन पार्टनर ने ही की थी। आरोपी ने पहले गला घोंटकर महिला की हत्या की और फिर पहचान छिपाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार 17 जून 2026 को मायाराम सालिकराम क्रेशर के पास तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर एक अधेड़ महिला का जला हुआ शव मिला था। शव के आसपास घसीटने के निशान भी पाए गए थे, जिससे हत्या की आशंका गहरा गई थी।
सूचना मिलने पर पूंजीपथरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम और पहचान के लिए मरच्युरी में सुरक्षित रखवाया गया। घटनास्थल से कपड़े, जले हुए अवशेष और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
शव बुरी तरह से जल चुका था, जिसके कारण मृतका की पहचान कर पाना पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। पुलिस ने मृतका की तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में प्रसारित किया। इसी दौरान जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाला इमिलीयूस तिग्गा और उसके साथ रहने वाली एक महिला पिछले कुछ दिनों से दिखाई नहीं दे रहे हैं। यह जानकारी पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई।
सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और कपड़ों के आधार पर जशपुर जिले के ग्राम बोरो निवासी दो युवक पूंजीपथरा पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल से बरामद कपड़ों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतका की पहचान अपनी मां मंगरिता एक्का (60 वर्ष) के रूप में की। उन्होंने बताया कि मंगरिता एक्का पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी का काम करती थीं।
मृतका की पहचान होने के बाद पुलिस का शक इमिलीयूस तिग्गा पर गहराने लगा। पुलिस टीम ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाना लाया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से तुमीडीह स्थित एनआर फेरो प्लांट में मजदूरी करता था। करीब तीन महीने पहले उसकी मुलाकात मां शिवा प्लांट में कार्यरत मंगरिता एक्का से हुई थी।
दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में वे पति-पत्नी की तरह पूंजीपथरा की लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने लगे। आरोपी के अनुसार मंगरिता एक्का को उस पर दूसरी महिला से संबंध होने का शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 17 जून को भी इसी तरह का विवाद दोनों के रिश्ते का दुखद अंत बन गया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि 17 जून को मंगरिता एक्का गांव जाने की बात कहकर कुछ कपड़े और पानी की बोतल लेकर घर से निकली थीं। इसके बाद वह भी मकान मालिक को गांव जाने की जानकारी देकर उनके पीछे निकल पड़ा। रास्ते में दोनों एक महुआ के पेड़ के नीचे बैठे और शराब पीने लगे। इसी दौरान पुरानी बातों को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर इमिलीयूस तिग्गा ने मंगरिता की साड़ी से उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और वहां से चला गया।
हत्या करने के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की योजना बनाई। उसने पास के पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा और शाम के समय वापस घटनास्थल पहुंचा। इसके बाद उसने शव को घसीटकर क्रेशर डस्ट के ढेर के पास ले गया और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आरोपी को लगा कि शव जल जाने से उसकी पहचान नहीं हो सकेगी और वह पुलिस की पकड़ से बच जाएगा। हालांकि पुलिस की सूझबूझ और तकनीकी जांच के चलते उसकी यह साजिश ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकी।
पुलिस पूछताछ में इमिलीयूस तिग्गा ने हत्या और शव जलाने की पूरी घटना स्वीकार कर ली। आरोपी की निशानदेही पर घटना के समय पहने गए कपड़े, पेट्रोल रखने वाली बोतल और माचिस भी बरामद की गई है। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान स्थापित करना और अज्ञात आरोपी तक पहुंचना था। सोशल मीडिया, स्थानीय नेटवर्क और तकनीकी जांच के संयोजन से पुलिस ने न केवल मृतका की पहचान की, बल्कि हत्या की पूरी साजिश का भी खुलासा कर दिया। रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से एक जघन्य हत्या की गुत्थी सुलझ गई और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गया।